शनिवार, 26 सितंबर 2015

कुरबानी या हत्या की ट्रेनिंग !

मुसलमान कई त्यौहार मानते हैं . जिनमें "ईदुज्जुहा "प्रसिद्ध और प्रिय त्योहर माना जाता है . भारत में इसे "बकरीद " भी कहते हैं .अरबी में ईदुज्जुहा का अर्थ बलिदान ( Sacrifice ) नहीं बल्कि " पशुवध का आनंद "( Joy of slaughter ) हैं.क्योंकि इसमें लाखों जानवरों का क़त्ल होता है .मुसलमानों का दावा है कि यह त्यौहार नबी इब्राहीम की अल्लाह के प्रति निष्ठा, भक्ति और उनके लडके इस्माइल की कुर्बानी को याद करने के लिए मनाया जाता है .और मुहम्मद साहब उसी इस्माइल के वंशज थे .चूँकि इब्राहीम की कथा इस्लाम से पहले की है और इब्राहीम के बारे में जो सही जानकारी बाइबिल , कुरान और हदीसों से मिलती वह इस प्रकार है .
1-इब्राहीम का परिचय 
इब्राहीम  إبراهيم‎ का काल लगभग 2000 साल ई ० पू से 1500 ई० पूर्व माना जाता है . इसके पिता का नाम मुसलमान "आजर آذر" और यहूदी "तेराह Terah"(  תָּרַח )बताते है .इब्राहीम " ऊर " शहर में पैदा हुआ था . जो हारान प्रान्त में था . वहां से इब्राहीम कनान प्रान्त में जाकर बस गया था .और उसके साथ उसकी बहिन ( पत्नी ) और भतीजा लूत भी आगये थे .इब्राहिम को एक गुलाम लड़की " हाजरा " मिली थी . जिस से उसने इस्माइल नामक लड़का पैदा किया था .जिसे मुहम्मद का पूर्वज माना जाता है . इब्राहीम और सारह से जो लड़का हुआ था उसका नाम "इसहाक " था .मुसलमान इनको नबी मानते हैं .यहूदी इसे अबराहाम(אַבְרָהָם  ) कहते हैं . जिसका अर्थ है जातियों का बाप .मुसलमान इब्राहीम को एक ,सदाचारी ,सत्यनिष्ठ ,और अल्लाह का परम भक्त नबी कहते हैं .लेकिन वास्तविकता यह है कि,
1-इब्राहीम का देशत्याग 
जब इब्राहीम अपने हारान देश को छोड़ कर कनान जाने लगा ,तो उसके साथ , लूत ,साराह अपनी सम्पति भी ले गया और वहीँ बस गया "बाईबिल .उत्पत्ति 12 :3 से 5 
2-इब्राहीम झूठा और स्वार्थी था 
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया , इब्राहीम झूठ बोलते थे .उनके प्रसिद्ध तीन झूठ इस प्रकार हैं ,एक मैं बीमार हूँ , दूसरा मैंने मूर्तियाँ नहीं तोड़ी . यह दोनो झूठ अल्लाह के लिए बोले थे . और तीसरा झूठ सराह के बारे में था , कि यह मेरी बहिन है .

"حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَحْبُوبٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ـ رضى الله عنه ـ قَالَ لَمْ يَكْذِبْ إِبْرَاهِيمُ ـ عَلَيْهِ السَّلاَمُ ـ إِلاَّ ثَلاَثَ كَذَبَاتٍ ثِنْتَيْنِ مِنْهُنَّ فِي ذَاتِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ، قَوْلُهُهَاجَرَ فَأَتَتْهُ، وَهُوَ قَائِمٌ يُصَلِّي،  "

Sahih Al- Bukhari, Vol.4,  Bk 55-Hadith No 578, Translation by Dr. Muhsan Khan

इब्राहीम के तीन झूठ यह हैं ,
1-जब इब्राहीम ने चुपचाप देवताओं की मूर्तियाँ तोड़ दी ,और लोगों ने पूछा बताओ क्या यह काम तुमने किया है .तो इब्राहीम बोला मैंने नहीं यह तो सबसे बड़े देवता का काम है "सूरा -अम्बिया 21 :62 से 63 
2-जब लोगों ने इब्राहीम के पूछा कि तुम्हारा अल्लाह यानी दुनिया के स्वामी के बारे में क्या विचार है ,इब्राहीम आकाश के तारों को देखता रहा , और बोला मैं तो बीमार हूँ "सूरा -अस सफ्फात 37 :87 से 89
3-इब्राहीम ने साराह के बारे में कहा बेशक यह मेरी बहिन है , और मेरे बाप की बेटी है ,लेकिन मेरी सगी माँ की बेटी नहीं है .इसलिए अब यह मेरी पत्नी बन गयी है " बाइबिल .उत्पत्ति 20 :13 
3-इब्राहीम पर लानत 
जो भी अपनी बहिन के साथ सहवास करे उस पर लानत , चाहे वह उसकी सगी बहिन हो या सौतेली .तो सब ऐसे व्यक्ति पर लानत करें और कहें आमीन '

 बाइबिल .व्यवस्था 27 :22 
तुम पर हराम हैं , तुम्हारी बहिनें " सूरा -निसा 4 :23 
4-इब्राहीम का पापी परिवार 
इब्राहीम के काबिले में लड़कों के साथ कुकर्म करने का रिवाज था और उसका भतीजा लूत भी ऐसा था . इस कुकर्म को लूत के नाम से "लावातत" कहा जाता है .इनकी लीला दखिये ,
एक दिन कुछ सुन्दर लडके लूत से मिलने आये ,तो उन्हें देख कर लोग आगये .इस से लूत चिंतित हो गया .और उन लोगों को रोकना कठिन होने लगा .क्योंकि वहां के लोग लड़कों के साथ कुकर्म " Sodomy" करते थे . लूत ने उन लोगों से कहा इन लड़कों को छोडो यह मेरी बेटियां हैं यह इस काम के लिए अधिक उपयोगी हैं .लेकिन लोग बोले तू जानता है कि हमें क्या पसंद है "सूरा -हूद 11 :77 और 78 
जिस तरह इब्राहीम ने अपनी बहिन से सहवास किया था उसका भतीजा लूत भी महा पापी था .यह बाइबिल बताती है .
"एक रात लूत की लड़कियों ने तय किया कि आज हम अपने पिता को खूब शराब पिलायेंगे .और उसके साथ सहवास करेंगे .पहले एक लड़की बाप के साथ सोयी , फिर बारी बारी से सभी बाप के साथ सोयीं .इस तरह सभी अपने बाप से गर्भवती हुयीं "बाईबिल -उत्पत्ति 19 :30 से 36 
5-इब्राहीम की रखैल हाजरा 
इब्राहीम सदाचारी नहीं था ,यह जानकर शैतान ने एक लड़की हाजरा इब्राहीम के पास भेज दी थी .इस से इब्राहीम ने सहवास किया था .
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा है , शैतान ने ही हाजरा को इब्राहीम के पास इसलिए भेजा था कि वह उसे दासी के रूप में स्वीकार कर लें .और जब वह इब्राहीम के पास गयी तो इब्राहीम बोला . अल्लाह ने मुझे एक लड़की दासी भेज दी है .

"وقال: 'لقد بعث الله لي الشيطان. اصطحابها إلى إبراهيم وهاجر تعطي لها ". جاء ذلك عادت لإبراهيم وقال: "الله أعطانا فتاة الرقيق للخدمة "

Sahih al-Bukhari, Volume 3, Book 34, Number 420

6-इस्माइल की झूठी पैदायश 
चूँकि उस समय काफी बूढ़ा हो चूका था , और उसकी पत्नी सारह बाँझ थी ,इसलिए इब्राहीम और हाजरा ने मिलकर एक साजिश रची और कहीं से एक ताजा बच्चा लोगों को दिखा दिया , कि यह बच्चा हाजरा ने पैदा किया है .और इब्राहिम ने उस बच्चे का नाम इस्माइल रखा था .
एक दिन इब्राहीम तड़के भोर में उठा ,और अँधेरे में हाजरा को तैयार किया .और उसे एक बच्चा दिया .फिर हाजरा ने उस बच्चे को झाड़ियों में छुपा दिया .और हाजरा इस तरह से चिल्लाने लगी जैसे बच्चा जनने की पीड़ा हो रही हो .और जब बच्चे के रोने की आवाज लोगों ने सुनी तो लोगों ने समझा हाजरा ने बच्चे को जन्म दिया है "बाइबिल .उत्पत्ति 21 :14 से 17 
7-अरब हराम की औलाद हैं 
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा कि पहले तो हाजरा सारह के पास गयी .फिर इब्राहीम के पास चली गयी .उस समय इब्राहीम काम कर रहे थे .उन्होंने सारह से इशारे से पूछा कि यह किस लिए आयी है . साराह ने कहा यह तुम्हारी दासी है .और सेवा करेगी .अबू हुरैरा ने कहा इस बातको सुनते ही रसूल ने मौजूद सभी श्रोताओं से कहा , सुन लो सभी अरब उसी हाजरा की संतानें हो "

"ثم القى رجال هاجر كخادمة بنت لسارة. جاء سارة الظهر (لإبراهيم)، في حين كان يصلي. إبراهيم وهو يشير بيده، سأل: "ما الذي حدث؟" أجابت، "والله مدلل المؤامرة الشريرة للكافر (أو شخص غير أخلاقي) وأعطاني هاجر للخدمة." (أبو هريرة ثم خاطب مستمعيه قائلا: "هذا (حجر) كان أمك يا بني ما هو بين سما (أي العرب، من نسل إسماعيل، ابن هاجر)."

Bukhari-Volume 4-Book 55: Prophets-Hadith 578

Eng Reference  : Sahih al-Bukhari 3358

चूँकि मुहम्मद साहब खुद को भी इब्राहीम के नाजायज ,पुत्र और शैतान द्वारा भेजी गई औरत हाजरा के लडके इस्माइल का वंशज मानते थे .और खुद को इब्राहीम कि तरह रसूल साबित करना चाहते थे .इसलिए उन्होंने इसके लिए इब्राहीम द्वारा की इस्माइल की क़ुरबानी की कहानी का सहारा लिया .
8-क़ुरबानी का सपना 
इब्राहीम के पूर्वज अंधविश्वासी थे और सपने की बातों को सही समझ लेते थे .बाइबिल और कुरान में ऐसे कई उदहारण मिलते हैं ,जैसे
"यूसुफ ने पिता से कहा कि रात को मैंने एक सपना देखा कि ग्यारह तारे .सूरज और चाँद मुझे सिजदा कर रहे हैं , यह उन कर पिता ने कहा तुम इस सपने की बात अपने भाइयों से नहीं कहना .ऐसा न हो वह कोई साजिश रचें " सूरा-यूसुफ 12 :4 -5 
ऐसा ही सपना इब्राहीम ने देखा ,और सच मान बैठा ,कुरान में लिखा है
जब इब्राहीम का लड़का चलने फिरने योग्य था , तो इब्राहीम ने उस से कहा बेटा मैंने सपने में देखा कि जसे मैं तुझे जिबह कर रहा हूँ ,बोल तेरा क्या विचार है "
सूरा -अस सफ्फात 37 :102

(अरबी में "इन्नी उज्बिहुक انّي اُذبحك" तेरी गर्दन पर छुरी फिरा रहा हूँ )

9-अल्लाह ने क़ुरबानी रोकी 
जब इब्राहीम ने अपने बेटे का गला काटने के लिए छुरी हाथ में उठायी ,तो एक फ़रिश्ता पुकारा ,हे इब्राहीम तुम लडके की तरफ हाथ नहीं बढ़ाना .हमें यकीं हो गया कि तू ईश्वर से डरता है .बाइबिल -उत्पत्ति 22 :10 से 12
हमने कहा हे इब्राहीम तूने तो सपने को सच कर दिया .यह तो मेरी परीक्षा थी .और फिर हमने एक महान क़ुरबानी कर दी "सूरा 37 :105 से 107
( नोट - इन आयतों में कहीं पर किसी जानवर का उल्लेख नहीं है ,और न मैंढे का नाम है)

10- गाय की कुर्बानी
जब अल्लाह ने मूसा से कहा कि एक गाय को जिबह करो ,तो लोग बोले क्या तू हमें अपमानित कर रहा है .लेकिन जब लोग मूसा के कहने पर गाय जिबह कर रहे थे तब भी उनके दिल काँप रहे थे . सूरा -बकरा 2 :67 और 71
गाय की क़ुरबानी ( ह्त्या ) का एक वीडियो देखिये 

http://www.youtube.com/watch?v=rgrB9X_mINU&feature=related

(नोट -इस आयत की तफ़सीर में लिखा है ,उस समय मिस्र में किब्ती ( Coptic ) लोग रहते थे जो गाय की पूजा करते थे .इसी लिए अल्लाह ने उनकी आस्था पर प्रहार करने और उनका दिल दुखाने के लिए गाय की कुर्बानी का हुक्म दिया था .जिसे रसूल ने भी सही मान लिया था .
(हिन्दी कुरान .पेज 137 टिप्पणी संख्या 24 मक्तबा अल हसनात रामपुर )

इन सभी प्रमाणों से सिद्ध होता है ,कि 1 . इब्राहीम को झूठ बोलने की आदत थी .और सगी बहिन से शादी करके महापाप किया था , और बाइबिल के मुताबिक यह काम लानत के योग्य है .2 .यातो इब्राहीम ने सपने में लड़के की क़ुरबानी की होगी या शैतान के द्वारा भेजी हाजरा के फर्जी पुत्र की क़ुरबानी की होगी .3 .इस झूठी कहानी को सही मान कर जानवरों का क़त्ल करना उचित नहीं है .4 .अल्लाह इब्राहीम और लूत जैसे पापियों को ही रसूल बनाता है .5 .सारे अरब के लोग इसलिए अपराधी होते हैं क्योंकि वह इब्राहीम के उस नाजायज लडके इस्माइल वंशज हैं ,जिसे शैतान ने भेजा था .6 .क्या इब्राहीम के बाद मुसलमानों में ऐसा एकभी अल्लाह भक्त पैदा हुआ , जो अपने लडके को कुर्बान कर देता .यहूदी और ईसाई भी इब्राहीम को मानते हैं लेकिन कुर्बानी का त्यौहार नहीं मनाते.
महम्मद साहब ने ईदुज्जुहा की परंपरा मुसलमानों को ह्त्या की ट्रेनिग देने के लिए की थी !

No-200/71


http://www.aboutbibleprophecy.com/abraham.htm



शुक्रवार, 11 सितंबर 2015

गौ भक्तों की मूर्खता या चतुराई ?

यह  हिन्दुओं   का  दुर्भाग्य   है   कि आज  ऐसे  कई  संगठन   , और    संस्थाए    मौजूद   हैं    , जो  खुद  को  हिन्दू   धर्म  और हिन्दुओं   का  असली   प्रतनिधि  या  ठेकेदार     होने   का   दावा   करते   हैं   ,  लेकिन  एक  दूसरे   को   नीचा   दिखने  में  कोई  कसर  छोड़ते   ,  इनके  नेताओं   को   हिन्दू  धर्म   से कोई  लेना  देना  नहीं  होता  सिर्फ  अपने   नाम     का   प्रचार   करना  होता है   ,  ऐसे  स्वयंभू      हिन्दू  नेता      सुर्ख़ियों  में   नाम  के लिए  ऐसे काम    कर  बैठते  हैं    जो     हास्यास्पद    होने  के   साथ  मूर्खता   पूर्ण   होते    हैं   ,  जिन से   हिन्दुओं     की   नाक  कट  जाती   और   ,    मुसलमानों   को  हिन्दुओं    का  मजाक उड़ाने   का   मौक़ा   मिल   जाता   है   , इसका   ताजा  उदहारण   यह   है   ,

गुजरात सरकार के एक बोर्ड ने दावा किया है कि कुरान में बीफ खाने पर मनाही है। बिलबोर्ड्स में गौसेवा और गौचर विकास बोर्ड की ओर मैसेज दिया गया है कि कुरान भी गाय को बचाए रखने की बात कहता है। बिलबोर्ड्स बापूनगर में देखे गए हैं। अहमदाबाद में चीफ मिनिस्टर आनंदीबेन और इस्लामिक सिंबल (चांद और सितारे) को लेकर बिलबोर्ड्स लगाए गए हैं। जनमाष्टमी के मौके पर इन बिलबोर्ड्स के जरिए मुस्लिमों को शुभकामनाएं भी दी गई हैं,बिलबोर्ड पर लिखा है, 'अकरामुल बकरा फिनाह सैयदुल बाहिमा'। इसका मतलब बताया गया है कि 'पशुओं में गाय सबसे जरूरी है, इसलिए इसका सम्मान किया जाना चाहिए। इसका दूध, घी और मक्खन दवाई के काम आता है। जबकि इसका मीट कई बीमारियों का कारण बनता है।'यह   पोस्टर   दिनांक  8 सितम्बर   2015  को  पूरे   अहमदाबाद   में  लगाये   गए  थे  , 
पोस्टर   में   गुजराती  में  लिखा  है  ,
"कुरान शरीफ  मां  गौरक्षा  माटे  उपदेश "

 अकर  मुल  बकर  फाईनाहा   सय्यदुल   बहाईमा 

गाय  नी  इज्जत  करो  ,केम  के  गाय चौपायों  नी  सरदार  छे  , गाय  नुं  दूध  ,दही  अने  माखण शिफ़ा ( अमृत ) छे ,गाय नुं  मांस बीमारीओनु कारण  छे'
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Foto

http://img01.ibnlive.in/ibnlive/uploads/2015/09/gujantibeef_meghdoot1.jpg

बोर्ड के चेयरमैन ने क्या कहा?
 मैसेज का जरिया पूछे जाने पर बोर्ड के चेयरमैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. वल्लभभाई कठरिया ने कहा, ''मुझे ये लाइनें और इसका अनुवाद 20 पेज के हिंदी और गुजराती बुकलेट में मिला।'' उन्होंने दावा किया है कि बुकलेट उनके राजकोट स्थित घर पर है। हालांकि, उन्हें राइटर और पब्लिशर्स का नाम याद नहीं है।गौसेवा आयोग का गठन 1999 में हुआ और 2012 में गौसेवा और गौचर विकास बोर्ड का विस्तार किया गया। इसे गायों को बचाने, उनके रख-रखाव और वेलफेयर के लिए बनाया गया। यह गुजरात सरकार के एग्रीकल्चर कॉरपोरेशन के तहत काम करता है।यह  विश्व  हिन्दू  परिषद   का एक अनुषांगिक   संगठन   है
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मेंबर मुफ्ती अहमद देवलावी ने इस प्रकार के किसी दावे को नकारा है। उन्होंने कहा कि कुरान में बीफ को लेकर इस प्रकार की कोई बात नहीं की गई है। उन्होंने कहा, ''पवित्र कुरान में इस प्रकार का मैसेज कहीं भी नहीं लिखा है। यह संभव है कि किसी अरबी स्टेटमेंट को गलती से कुरान से जोड़ा जा रहा है। मुस्लिमों को भ्रमित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।''
इस तरह से कुरान  ,हदीस  और मुसलमानों  की फितरत को  जाने  बिना बोर्ड    के  चेयरमेन कठरिया ने   यह  पोस्टर निकाल  कर अपनी   मुसलमानों  के  सामने अपनी  मूर्खता  का  प्रमाण पत्र  पेश  कर   दिया  , शायद उनका  उद्देश्य  मुसलमानों  में   गौहत्या  की  जगह  गौरक्षा की भावना पैदा  करना होगा ,लेकिन मुसलमानों  से गौ  रक्षा  की  अपेक्षा  रखना  सबसे बड़ी  मूर्खता  होगी   , क्योंकि

,
1-गौमांस मुसलमानों की खुराक है 

(Here are the foods mentioned in the Quran with the times they were mentioned.)


कुरान   में  मुसलमानों  के खाने योग्य  जोभी  चीजें   बताई  गयी   हैं  उनमे   बछड़े  और    गाय   भी   हैं    , कुरान  में इनका उल्लेख  कितनी   बार है   , इसका  विवरण    इस  प्रकार   है

1.बछड़े (Calves)"अल अजुल - العجول  "-10 बार

2.गाय ( cow ).  अल बकर  -   بقرة "-9   बार


http://www.chefyusuf.com/halal-recipes-by-the-halal-chef/the-food-of-paradise/

उल्लेखनीय   बात  तो  यह  है  की  इस्लामी पुस्तकों  के अनुसार  मुसलमान   जन्नत   में  भी बछड़े  और गाय  खाएंगे
   
2- मुहम्मद  सपरिवार  गौमांस  खाते  थे 

मुसलमानों   के रसूल  मुहम्मद  खुद  अपने  हाथों   से  गाय  जबह  करके  उसका   मांस  "लहमुल  बकर - لحم بقر  "   ( Beef )    खुद   खाते थे  और  अपनी   औरतों  को   भी खिलाते  थे   , इन  तीन  प्रामाणिक  हदीसों  में इसका  सबूत  मौजूद   है   , विस्तार  भय  के   कारण  सिर्फ  सन्दर्भ   दिए   जा  रहे  हैं ,

  1.सही मुस्लिम -( 1 बार )-Book #005, Hadith #2352

  2-   सही बुखारी -( 4 बार)   Book #26, Hadith #767,Book #26, Hadith #778, Book #52, Hadith #201,Book #68, Hadith #456 ,

3.मलिक  मुवत्ता ( 1 बार )-Book #20, Hadith #20.56.188


इतना   समझ   लेने  के  बाद  भी  इन लोगों  की  बुद्धि   पर सेकुलर  रोग  से   लकवा  मार  हो    वह  मुसलमानों से  गौरक्षा   की उम्मीद  रखते  हैं   वह  उस  व्यक्ति   की  तरह   मुर्ख  है   , जो   कसाई  की  दुकान  से  मिठाई   लेने     जाता   है

कुरान  सभी   गौ   वंशी   पशुओं   के  मांस  को  सही   मानता  है   ,और  खुद  मरे हुए  पशुओं   का मांस , सड़ा मांस   रक्त   और  सूअर   का  मांस और  जिन  पर  अल्लाह  के अलावा  किसी  और   का  नाम   लिया गया  हो उनका  मांस  खाने  से   रोकता  है  
,सूरा - बकरा 2:173 


bovine meat, i.e., beef, is well authenticated in the Qur’an to be permitted:

He only prohibits for you the eating of animals that are already dead (carrion), blood, the meat of pigs, and animals dedicated to other than Allah. [2:173


3-गौहत्या  कैसे रुक सकती है ?


जो   भी  गौभक्त   हिन्दू  संगठन   या  नेता सोचते   हैं उनको  पता  होना  चाहिए  कि गाय  काटने वाले  और  गाय  का  मांस  खाने  वाले अधिकांश मुस्लमान ही   होते  हैं  ,और  उनको फर्जी  हदीसें  बता  कर  , खुशामद  करके  या  कानून का  हवाला  देने  पर  वह  गौ हत्या   बंद  कर  देंगे , तो  ऐसा समझना बड़ी  भूल होगी . और सब  जानते हैं  कि  कुरान  और  हदीसों   में  गाय  का  मांस   खाना  जायज   है  , और  देश   में  गौ  हत्या  तभी   रुक  सकती  है   ,जब   मुसलमान  गाय  का  मांस  खाना   बंद  कर  दें , इसीलिए  हमने  एक ऎसी  आसान  तरकीब  खोजी  है   , जिस पर अमल   करने  पर  मुसलमान बिना  किसी  जबर दस्ती  के  खुद  ही  गाय  का  मांस खाना   बंद   कर  देंगे   , इस में  किसी  दंगे फसाद   की  संभावना   बिलकुल  नहीं   है  ,

( नोट )  यह  लेख  हमने   फरीदाबाद  निवासी   प्रोफ़ेसर  राजेन्द्र  सिंह   की  सलाह  पर  5  घंटे  में  तैयार  किया  था  , यह  लेख  का  पूर्वार्ध  है  , इस  लेख  के  माध्यम  से  हम  उन  सभी हिन्दू  संगठनों  के  पदाधिकारिओं  और आर्यसमाजियों  से अनुरोध   करते  हैं  कि  यदि  उनके पास ऐसी  ही  तरकीब   हो  तो  मुझे  एक सप्ताह  में  सूचित  करें  ,और  अगर उनके  पास  कोई  तरकीब  नहीं   है  ,तो गौ रक्षा  का  नाटक   बंद  कर दें  ,  चूँकि   हम किसी  भी  दल और  संगठन   के  लिए  नहीं  बल्कि स्वतन्त्र रूप  से  सभी   भारतीय  हिन्दुओं  के  हितों   का  ध्यान  रख कर  लिखते  है  , इसलिए  यह  लेख  फेस बुक  और अपने ब्लॉग  में  प्रकाशित  कर  रहे   हैं  , देखते हैं   कौन  माई   लाल  आगे  आता  है ?हम  हम  यह  तरकीब किसी  हिन्दू  संगठन   के  राष्ट्रीय  स्तर  के  पदाधिकारी  को  ही   बताएँगे   , जिनके हृदय में गौ  माता   के प्रति  प्रेम   हो वह  कृपया इस  लेख  को  सब तक  पहुंचाने   का  कष्ट  करें  

लेख   का उत्तरार्ध  भाग गणेश  चतुर्थी   के दिन  प्रकाशित  होगा  ,

संपर्क हेतु मेल आई डी -sharma.b304@gmail.com



मंगलवार, 1 सितंबर 2015

संख्याओं से इस्लाम सीखिये !

सामान्य  व्यक्ति  के लिए  इस्लाम  के सिद्धांत  , और  नियमों  को ठीक से समझना एक  टेढ़ी खीर साबित   होगा  , क्योंकि  इस्लाम के नियम  समझने  लिए  रटने  के लिए   होते हैं   , लोगों   की  इस  समस्या का  हल  करने  के  लिए संख्याओं  के  माध्यम  से इस्लाम  की  कुछ याद रखने  योग्य बातें दी जा रही  हैं। इन  नंबरों  को याद  रखने  से लॉग अपना समय बर्बाद  होने  और खोपड़ी खराब  होने  से बच  जायेंगे   , इस   तरकीब   में आधी (Half)  संख्या   से  सौ तक   कुछ  अत्यंत  महत्वपूर्ण   संख्याएँ    दी जा  रही  है   , और उन संख्याओं  से  समन्धित  घटना   या  हदीस भी  दी  गयी   है  ,

आधा -अर्थात 1 /2 -औरत  की गवाही मर्द से आधी

सईदुल खुदरी  ने  कहा कि  रसूल  ने  कहा है  एक  औरत  की गवाही  मर्द  की  गवाही से आधी  मानी  जाएगी  , क्योंकि औरतों  के दिमाग  में  कमी  होती  है

Narrated Abu Said Al-Khudri: The Prophet said, "Isn't the witness of a woman equal to half of that of a man?" The women said, "Yes." He said, "This is because of the deficiency of a woman's mind."" -

Sahih Bukhari 3:48:826


2-दो मुट्ठी  आटा या  खजूर  पत्नी की कीमत 

"जो भी व्यक्ति  यदि  पत्नी को  मेहर " مهر‎ ‎ " (bride price)  के रूप  में दो मुट्ठी आटा  या खजूर  भी  दे देगा   तो उसके  लिए पत्नी की  योनि वैध  हो जायेगी"

"Who so gives two handfuls of flour or dates as dowry of his wife has rendered [her] (private parts) lawful" -


 Mishkat al-Masabih, Book II, under section dower, Hadith No. 57.,


3-तीन चीजों से  नमाज नष्ट होती  है 
"आयशा ने कहा कि  मुझे रसूल  ने बताया  ,यदि  नमाजी  के सामने   कुत्ता   , गधा  और औरत  आ जाए तो  सारी  नमाज  बेकार  हो जाती  है "

'Narrated 'Aisha: The things which annul the prayers were mentioned before me. They said, "Prayer is annulled by a dog, a donkey and a woman (if they pass in front of the praying people)." I


Sahih Bukhari Vol1:Bk  9: H 490

4-चार  पत्नियों  की अनुमति 
"यदि तुम्हें एक पत्नी से संतुष्टि  नहीं   मिलती तो अपनी पसंद की दो  , तीन या  चार पत्नियां    रख  सकते हो "
"if you not satisfy with one wife   than , Marry women of your choice, Two or three or four;


 Qur'an -Sura Nisa-4:3


6-छः साल की आयशा  51साल के रसूल 
आयशा ने  कहा  शादी   के  समय  मेरी आयु छह साल और रसूल  की आयु 51  साल थी  , उस  समय रसूल मेरे साथ "जंघा मैथुन ( thighed)   करते  थे  और  मेरी आयु  9  साल  होने पर  सम्भोग   करने  लगे  थे

"Narrated 'Aisha: that the Prophet married her when she was six years old Prophet  thighed and he consummated his marriage when she was nine years old.


Sahih Bukhari .Vol 7 Bk :62 H:65

8-आठ  लोगों   की निर्दयता से  ह्त्या 
अनस बिन  मलिक  ने कहा उरीन  कबीले  के आठ  लोग  रसूल  के पास आये  ,जब  वह  जाने लगे तो रसूल  ने अपने  लोगों से उनका पीछा  करने को  कहा  और  उनको  पकड़  कर   उनके  हाथ  कटवा दिए और मदीना की चट्टानी गर्म  रेत  पर  छोड़  दिया  , और जब उन्होंने  पानी  माँगा  तो  उनको  प्यास ही  मरने को  छोड़  दिया

Narrated Anas bin Malik: A group of eight men from the tribe of 'Ukil came to the Prophet and ... he sent some men in their pursuit, and before the sun rose high, they were brought, and he had their hands and feet cut off. Then he ordered for nails which were heated and passed over their eyes, and whey were left in the Harra (i.e. rocky land in Medina). They asked for water, and nobody provided them with water till they died

Sahih Bukhari 4:52:261


10-दस  निर्दोषों  की  हत्या 
इस्लामी इतिहासकार  इब्न  साद के अनुसार  रसूल   ने 11  दिसंबर  सन 629  ई ०  को  मक्का  पर  हमला करके दस  लोगों  की  ह्त्या  करावा दी  थी   , जिनमे  6  पुरुष  और  4  स्त्रियां   थी   , और जिन लडको  के नीचे  के  बाल उग   गए थे  उनको  क़त्ल  करा  दिया थे  ,  मरने  बालों   के  नाम  यह हैं  ,
1. इक्रामा  बिन  अबी  जहल  2 ,हब्बार  इब्न अल अस्वद   3 .अब्दुलाह इब्न साद इब्न अबी  साराह 4 .मिक़दास इब्न सबाह  अल हैती  5 .अल हुवैरिस इब्न   नुकेदा 6 . अब्द  अब्बाह इब्न हिलाल अल अदरामी . 7, हिन्दा बिन्त उतबा 8.सारा  मालवत ( नर्तकी )बिन्त अम्र बिन हाशिम 9.फरताना10.करीबा

The apostle of Allah entered through Adhakhir, [into Mecca], and prohibited fighting. He ordered six men and four women to be killed, they were (1) Ikrimah Ibn Abi Jahl, (2) Habbar Ibn al-Aswad, (3) Abd Allah Ibn Sa`d Ibn Abi Sarh, (4) Miqyas Ibn Sababah al-Laythi, (5) al-Huwayrith Ibn Nuqaydh, (6) Abd Abbah Ibn Hilal Ibn Khatal al-Adrami, (7) Hind Bint Utbah, (8) Sarah, the mawlat (enfranchised girl) of Amr Ibn Hashim, (9) Fartana and (10) Qaribah."

 Ibn Sa`d "Tabaqat", Vol 2, page 168


11-ग्यारह  पत्नियों से  सम्भोग 
इस हदीस  के अनुसार  रसूल  हर रात  बारी  बारी  से अपनी  सभी  ग्यारह  पत्नियों  से  सम्भोग  किया करते थे


This hadith claims he had sex with 11 wives in a single night:

Sahih Bukhari -Vol 1: Bk5:  H 268

72- बहत्तर  हूरें  सम्भोग  के  लिए 
अबु  उमामा  ने  कहा कि रसूल  ने  बताया  है   ,जो लोग  जन्नत  जायेंगे   उन मेरे हरेक  को सम्भोग के लिए  72 औरतें  मिलेंगी   , और  उनको  हमेशा  खड़ा रहने वाला  लिंग  मिलेगा "

'Abu Umama narrated: "The Messenger of God said, 'Everyone that God admits into paradise will be married to 72 wives, All of them will have libidinous sex organs and he will have an ever-erect penis.'

Sunan Ibn Maja, Zuhd (Book of Abstinence) 39


99-निन्यानवे  प्रतिशत  औरतें  जहन्नम  जायेगीं  
रसूल ने  कहा कि  99  में  से  सिर्फ एक औरत  जन्नत   जायेगी   ,बाकी  सभी  औरतें  जहन्नम   जायेंगीं  

"Out of 99 women, one is in paradise and the rest are in hell" -

 Kanz al-`ummal, 22:10.

100-सौ  लोगों  के  बराबर  सम्भोग  शक्ति 
"लोगों   ने  रसूल   से पूछ कि जन्नत  वालों   को  कितनी  सम्भोग  शक्ति  मिलेगी  ? रसूल  बोले अल्लाह   जन्नत  के लोगों    सामान्य  मनुष्य   से  सौगुनी   सम्भोग शक्ति  प्रदान  करेगा "
" He said: "He will be given the strength of one hundred persons."

Mishkat al-Masabih Book IV, Chapter XLII, Paradise and Hell, Hadith Number 24


हमें  पूरा  भरोसा  है कि इन  संख्याओं   को स्मरण  करते ही  प्रबुद्ध  पाठक इस्लाम  की ऐसी  जानकारियां  प्राप्त  कर  लेंगे  जो इस्लाम  के प्रचारकों  का मुंह  बंद करने  में  सहायक होंगी  , क्योंकि इन  ग्यारह नंबरों  से ही  इस्लाम  की असलियत    बेनकाब  हो  जायेगी  ,