शुक्रवार, 30 अगस्त 2013

अल्लाह की सूरत कैसी है ?

अल्लाह  सर्वशक्तिमान है ,सब कुछ  कर सकता  है ,निराकार  है उसका  जिस्म या शारीरिक  अंग  नहीं है ,अल्लाह अतुलनीय  है ,उसके   जैसा  कोई मनुष्य ,प्राणी या वस्तू   नहीं  है .और न अल्लाह की कोई  तस्वीर  ही बनाई  जा सकती है .और न कोई इस जीवन में अल्लाह  को देख सकता  है .  केवल  मरने के बाद  जो मुसलमान  जन्नत  में जायेंगे वही अल्लाह का साक्षात्  दर्शन  कर सकेंगे .कुरान और हदीसों में अल्लाह  के बारे में ऐसी ही  बातें   बतायी  गयी हैं .
लेकिन   कुरान  हदीसों  में अल्लाह के बारे में कुछ  ऐसे  संकेत(Clues)  दिए  गए हैं , जिनके  सहारे हम  आसानी  से पता  कर  सकते हैं कि अल्लाह  साकार है , उसके हाथ और चेहरा  भी है . यही नहीं   की लम्बाई (Hight )  कितनी  है .यही  नहीं  अल्लाह की सूरत  कैसी  है .अल्लाह के बारे में यह  जानकारी  हासिल  करने  के लिए  हमें  वही  विधि  अपनानी होगी ,जो गुप्तचर विभाग(C I D उपब्ध सुरागों  के आधार पर किसी लापता  व्यक्ति का "स्केच - sketch  " बना कर  उसे खोज   लेती  है , या  पकड़  लेता  है .

1-अल्लाह  की आत्मा 
इस बात से कोई भी व्यक्ति इंकार नहीं कर सकता  कि आत्मा बिना शरीर के नहीं रह सकती ,यदि अल्लाह  की आत्मा भी  है ,तो शरीर अवश्य   होगा . यदि अल्लाह ने अपनी आत्मा आदम  के जिस्म  में डाल  दी थी .तो अल्लाह का जिस्म   निष्प्राण  हो गया  होगा .आत्मा तो प्राणियों  में होती है .
"और अल्लाह ने आदम को  दुरुस्त  किया .फिर उसके जिस्म में अपनी रूह (आत्मा )  डाल  दी "
सूरा -अस सजदा 32 :9
"अल्लह ने फरिश्तों  से कहा  ,जब मैं आदम  को दुरुस्त कर  दूँ  ,और उसके जिस्म में अपनी आत्मा डाल दूँ ,तो तुम  सिजदे में गिर जाना  " सूरा -अल हिज्र 15 :29

2-अल्लाह  के हाथ 
किसी काम  को  करने के लिए हाथों  की जरुरत  होती है , इसलिए  साकार अल्लाह ने हाथों का प्रयोग किया था , इन आयतों  में हाथ  और हाथों  शब्द का प्रयोग   किया गया है .और इन्हीं  हाथों से अल्लाह ने आदम  को बनाया  था .
"और अल्लाह के हाथ  उन लोगों के हाथों  के ऊपर हैं "सूरा -अल फतह 48 :10
"रब  ने कहा कि हे शैतान तुझे किस बात ने सिजदा  करने से रोका  ,जबकि मैंने आदम को अपने हाथों  से बनाया है "सूरा -साद 38 :75
"क़यामत के दिन यह धरती  पूरी  की पूरी अल्लाह की मुट्ठी  में होगी ,और आकाश उसके दायें  हाथ  में लिपटा  होगा " सूरा -अज जुमुर 39 :67

3-आदम  को कैसा बनाया 
आप  पढ़ चुके हैं कि  अल्लाह ने आदम को अपने हाथों  से बनाया था ,अब हदीस आदम  की ऊंचाई के बारे में बता    रही है ,
अबू हुरैरा ने कहा कि  रसूल ने बताया ,अल्लाह ने आदम  की ऊंचाई 60 हाथ (Cubits ) बनाई  थी . और जो भी व्यक्ति जन्नत में जायेगा  उसकी ऊंचाई  भी आदम  के  बराबर  हो   जाएगी ."सही  बुखारी - जिल्द 4   किताब 55 हदीस 543
नोट -यदि  हम  मुहम्मद साहब की इन हदीसों  को सही माने   कि  अल्लाह  ने आदम  ऊंचाई  60   हाथ  यानी  90  फुट (  27.5 meters  ) बनाई  थी . जो एक ऊंचे से ऊंचे जिराफ  से अधिक है .और एक दस मंजिला  भवन  से भी अधिक है .और हमें  यह भी  पता होना चाहिए कि इस्लामी  मान्यता के अनुसार मनुष्य यानि आदम  की सृष्टि  केवल पांच  हजार साल पहले ही  हुई थी .
अबू  हुरैरा ने कहा कि  रसूल ने बताया है ,आदम  की सूरत अल्लाह  जैसी बनाई  गयी थी . और लम्बाई 60 हाथ (30 मीटर ) थी
"حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، عَنْ مَعْمَرٍ، عَنْ هَمَّامٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ خَلَقَ اللَّهُ آدَمَ عَلَى صُورَتِهِ، طُولُهُ سِتُّونَ ذِرَاعًا،  "
"सही बुखारी - जिल्द 8 किताब 74 हदीस 246
नोट- इस हदीस में पैमाने के लिए अरबी में "जिरआ  -   ذِرَاعًا "शब्द का प्रयोग किया है , एक "जिरआ- ذِرَاعًا " कंधे से  हाथ कीबीच की उंगली  के बराबर  होता है .इसे गज या (Cubit ) कहते  हैं .

4-अल्लाह  का चेहरा 

चेहरा या सूरत साकार व्यक्ति  का ही होता है , अर्थात  अल्लाह निराकार नहीं हो सकता
 "तुम  जिस दिशा  में  मुंह करोगे  अल्लाह का चेहरा उसी  तरफ    होगा "
" ۚ فَأَيْنَمَا تُوَلُّوا فَثَمَّ وَجْهُ اللَّـهِ  (البقرة ، 2: 115
सूरा -बकरा 2:115
" जो अल्लाह  के चहरे पर प्रसन्नता  चाहते हैं  वही सफल होते हैं "
" لِلَّذِينَ يُرِيدُونَ وَجْهَ اللَّهِ وَأُولَئِكَ هُمُ الْمُفْلِحُونَ (الروم ، 30: 38).
सूरा -रूम 30:38
" जो लोग  अल्लाह  के चहरे  की आकांक्षा  के लिए देते हैं ,वह कई गुना  पाते  हैं
" مِنْ زَكَاةٍ تُرِيدُونَ وَجْهَ اللَّهِ فَأُولَئِكَ هُمُ الْمُضْعِفُونَ (الروم ، 30: 39
सूरा रूम -  30:39
"हम  तो अल्लाह के चहरे की ख़ुशी  के लिए देते हैं ,हमें कुछ  नहीं  चाहिए "
إِنَّمَا نُطْعِمُكُمْ لِوَجْهِ اللَّهِ لَا نُرِيدُ مِنْكُمْ جَزَاءً وَلَا شُكُورًا (الإنسان ، 76: 9
 सूरा -दहर 76 :9
नोट- इन सभी आयतों  में अरबी में " वज्ह -  وَجْهَ  " शब्द आया  है इसका अर्थ चेहरा  या Face  होता  है .
जिस तरह अल्लाह  के हाथ  हैं  उसी तरह अल्लाह  का चेहरा  भी है , जो इन आयतों  से पता चलता है . और अल्लाह ने अपनी शक्ल     जैसा ही  आदम  को बनाया  था ,
5-आदम  की सूरत अल्लाह  जैसी थी
अबू  हुरैरा  ने कहा  कि  रसूल  ने बताया  ,अल्लाह  ने आदम की  सूरत अपने जैसी   बनाई  थी .( created Adam in HIS own image -  " خلق الله آدم على صورته "
  सही मुस्लिम -किताब 40 हदीस 6809
"इब्ने  हातिम  ने   जहा कि रसूल  ने बताया है ,यदि  तुम   में से  कोई आपस में लड़ाई  करे ,तो उसे अपने   विरोधी व्यक्ति  के चहरे  पर  प्रहार  नहीं  करना  चाहिए . क्योंकि अल्लाह  ने आदम  की  शक्ल अपने  जैसी  बनाई थी "
 सही मुस्लिम -किताब 32  हदीस 6325

स्पष्ट  है कि  जब अल्लाह ने आदम की सूरत अपनी जैसी बनाई  थी ,तो इसका मतलब है कि  अल्लाह की सूरत  आदम की सूरत जैसी थी .अर्थात आदम और अल्लाह की सूरत  एक जैसी   है .

6-कुरान से सबूत 

चूंकि कुछ  लोग  हदीसों  की इन बातों को अप्रमाणिक  बताने का  प्रयत्न  करेंगे , इसलिए  कुरान की यह आयत दी  जा रही है ,जिसमे  साफ  कहा गया है ,आदम  की सूरत अल्लाह  की सूरत जैसी  थी ,
" जिसने (अल्लाह ने )  इन्सान  को अच्छी  बनावट से बनाया " सूरा -तीन 95 :4
(who created humans in the best image)

لَقَدْ خَلَقْنَا الْإِنسَانَ فِي أَحْسَنِ تَقْوِيمٍ  (التين ، 95: 4).
नोट-इस आयत में  बनावट  के लिए अरबी में "तकवीम - تَقْوِيمٍ   " शब्द काप्रयोग किया गया  है . और इस शब्द की तफ़सीर (व्याख्या  ) में इब्ने कसीर और इमाम शुयूती  में अपनी किताब "अल तबरी " में  " तकवीम -  تَقْوِيمٍ  " का अर्थ  सूरत  ( Image )   बताया है . और  इस आयत  का सही  अर्थ  है 'अल्लाह  ताला ने मनुष्यों  की सूरत अपने जैसी  बनायी  है , जो  सबसे अच्छी  सूरत  है .
"خلق الله آدم على صورته، على صورة أفضل "
(His Highness, created human beings on His Image, the Best Image)

7-प्रमाणों  का विश्लेषण 

इस  लेख में दी गयी हदीसों और कुरान की आयतों  का  क्रमानुसार   जमाकर  पढ़ने  से यह तथ्य   निकलते  हैं ,1 अल्लाह निराकार नहीं  है 2 .उसका  शरीर  है ,जिसमे आत्मा  भी है . अल्लाह   के हाथ , और चेहरा  यानी सूरत भी  है .3 .आदम की सूरत  अल्लाह जैसी  थी . अर्थात अल्लाह की सूरत आदम   की सूरत  जैसी थी .अब  प्रश्न  यह है कि हजारों  साल  पहले  के व्यक्ति अर्थात  आदम  की सूरत  कैसी रही होगी , जो अल्लाह  की सूरत  जैसी  थी , इस  प्रश्न  का उत्तर  कुरान और हदीसों  से नहीं मिल सकेगा   बल्कि  विज्ञानं  ने   दे दिया   है ,जो इस प्रकार  है
8-आदम  अर्थात आदिमानव 

इस्लामी विद्वान्  विश्व  के प्रथम  मनुष्य यानी आदम  की रचना  करीब  13  से  14 हजार  पहले   मानते हैं . लेकिन  वैज्ञानिक  प्रमाणों  के आधार पर मनुष्य की उत्पत्ति  पचास हजार साल पहले  हुई थी उसे" होमो इरेक्टस-HomoErectus   " कहा  जाता है .यद्यपि दो लाख  पचास हजार पहले चिम्पांजी  जैसे प्राणी  बने थे उन्हें  मनुष्य  नही  माना   जा सकता  है .उनका  नाम " होमो हैबिलिस - Homo habilis"  कहा  जाता है .वह अर्धमानव  थे .वास्तव में आदम  भी एक होमो इरेक्टस   ही  था . दौनों  पैरों  पर  सीधा  खड़ा   हो सकता  था .और जिसे अल्लाह ने अपना जैसा  बनाया  था .(Allah created Adam in His picture ).अर्थात अल्लाह  की सूरत एक आदिमानव   जैसी  है
.
पाठकों  से निवेदन  , हमने  तो अल्लाह  सुराग  लगा कर उसकी  सूरत  कैसी  है ,यह सबको बता  दिया  और इस रहस्य का भंडा फोड़  दिया . अब आप  लोग गूगल  इमेज  में "homo erectus " सर्च  करिए आपको अल्लाह की असली सूरत  दिख  जाएगी .!

http://www.answering-islam.org/authors/shamoun/rebuttals/zawadi/allahs_pyhsical_image.html



सोमवार, 26 अगस्त 2013

सेकुलर लोगो सावधान !

आज  भारत में  कई शहरों  में सामूहिक  बलात्कार  , हत्या ,लूट  जैसे  जघन्य  अपराधों  की  जैसे बाढ़  सी  आ  गयी  हैं .यहाँ  तक  महिलाओं  के लिए सुरक्षित  माने  वाला  शहर   भी सुरक्षित  नहीं  रहा  . यद्यपि  ऐसे  अपराधों   के दोषी  अधिकांश  मुसलमान  ही  पकडे  गए  हैं .और  खुद को नाबालिग  बता कर बचने  का रास्ता  निकाल  लेते  हैं .फिर भी  सरकार  और मीडिया  ऐसे  अपराधियों   का  सार्वजनिक  रूप  से  नाम  लेने से बचती  है .और खुद  को सबसे बड़ा  सेकुलर  साबित करने के लिए इस सच्चाई से आखें   मूंद  लेती  है कि  मुसलमान   जितने भी   अपराध  कर रहे हैं  वह  एक प्रकार  का जिहाद  ही  है .लेकिन  निजी स्वार्थ  और मुस्लिम वोटों  की खातिर सेकुलर इस बात को  नहीं  मानते  ,
जिस तरह से उल्लू और चमगादड़ को भरी दोपहरी में दिखाई नहीं देता . उसी तरह इन सेकुलरों को इस्लामी खतरा और मुसलमानों के खुनी इरादे नहीं दिखाई देते हैं . यह चंद वोटों की खातिर कट्टरवादी मुसलमानों की खुशामद में लगे रहते है .मुसलमान चाहे हजारों हिन्दुओं का क़त्ल कर दें . यह सेकुलर एक शब्द नहीं बोलते . और भूले से किसी हिन्दू कमांडो द्वारा किसी आतंकवादी को मार दिया जाता है या पकड़ लिया जाता है ,तो यही सेकुलर मानव अधिकारों की दुहाई देने लगते हैं और जमीन असमान एक करके उस आतंकी को बचने में लग जाते हैं .यदि इन सत्ता लोभी सेकुलरों की यही नीति रहेगी तो वह दिन दूर नहीं है , जब भारत इस्लामी देश बन जायेगा .और अगर दुर्भाग्य से ऐसा हो गया तो सेकुलरों के साथ सभी को जिन संकटों का सामना करना पड़ेगा , उसके कुछ उदहारण दिए जा रहे हैं ,
1-गैर  मुस्लिमों क्या होगा 
इतिहास से प्रमाणित  होता  है कि जिस देश में भी  जैसे ही मुसलमान बहुसंख्यक   हो जाते  हैं ,वह उस देश  को इस्लामी राज्य  घोषित  कर  देते  हैं .क्योंकि इस्लाम  में सेकुलरिज्म  के लिए कोई स्थान  नहीं  है .और इस्लामी राज्य में गैर मुस्लिमों (अल्पसंख्यकों )  के साथ जो व्यवहार  किया  जाता  है ,वह  इस प्रकार  है ,
1-   सारे हिंदू उद्योगपतियों की संपत्तिया जब्त कर ली जायेंगी | मलेशिया लेबनान में ऐसा ही हुआ, हिंदू (मुशिरिक यानि मूर्तिपूजक) की संपत्ति पर मोमिन यानि ईमान लेन वाले मुस्लमान का अधिकार हैं ये अल्लाह का फरमान हैं |

2 आपकी (सेक्युलर वर्ग की) लड़किया, बहने, माताये कभी ना कभी मुसलमानों के बिस्तर गर्म करने को मजबूर होंगी क्यों की आप कब तक बच पाएंगे | और गाँधीवादी तो तब भी होगे जो गाँधी जी के शब्द दोहराएंगे जो उन्होंने कहे थे जब एक मा ने  उसकी लड़की का मुसलमानों द्वारा बलात्कार करने पर गाँधी ने  कहा था ,कि  “तो क्या हुआ, वो तुम्हारी लड़की को कुछ दे कर तो गए ले तो नहीं गए |”

3-   कोई भी हिंदू किसी भी सरकारी व्यवस्था में बड़े ओहदे पर नहीं रह पायेगा | वही मुग़ल काल का नियम लगेगा |

4- हिंदू अपने धर्म पर जिज्या दे रहे होंगे | याने हिंदू बने रहने के ली कर भर रहे होंगे | कुरान 9:29 में साफ़ आदेश हैं पर हमें तब भी ऐसा वर्ग मिलेगा जो सिर्फ कुछ मुसलमानों को इसके ली दोषी ठहराएगा |

5 .  हिन्दुओ के 1 से अधिक बच्चे पैदा करने पर रोक भी लग सकती हैं | क्यों की आबादी सबसे बड़ा हथियार हैं |

6 .हिन्दुओ   को ज़मीन खरीदने की इज्जाजत नहीं होगी, कश्मीर में धारा 370 की वजह से हम आज भी बस नहीं सकते |

7. हिन्दुओ के सार्वजानिक सभी धर्म स्थल तोड़ दिए जायेंगे | उनको सार्वजनिक स्थान पर पूजा करने पर कड़े से कड़ा दंड भी हो

8 -  हिन्दुवादी सभी संगठनो को खत्म कर दिया जाएगा | हिंदू संगठित ना हो सके ऐसा हर संभव प्रयास किया जाएगा | केरल और कश्मीर प्रत्यक्ष उदहारण हैं |

9.-  देश से लोकतंत्र एक दो बार के चुनाव में ही खत्म हो जाएगा | या चुनाव प्रणाली हो पर काफिरो यानी हम हिन्दुओ का मताधिकार ही खत्म कर दिया जाए |

10.- किसी हिंदू के ली कोई मनवाधिकार नहीं रह जाएगा | हिंदू लड़की के साथ बलात्कार , हिंदू के घर चोरी डकैती या हत्या का कोई मुकदमा नहीं दर्ज होगा |

11.-   सेना पुलिस प्रशासनिक सेवाए हर महत्वपूर्ण ओहदों से हिन्दुओ को हटा दिया जाएगा | हां वैज्ञानिक पदों से नहीं हटा पाएंगे क्यों की मुस्लिम वैज्ञानिक तो पैदा कर नहीं पाएंगे

12.-   देश में सिर्फ हिन्दुओ पर ही अत्याचार नहीं हो रहे होंगे सिख इसाई (पूर्वोत्तर भारत के छोड के) कमुनिस्ट जैन बौद्ध दालित सभी का खात्मा हो  होगा | यहाँ तक की इस्लामिक शाखाओ शियाओ बरेलवियो, अहमदिया इस्माइलो का भी खात्मा हो  होगा .

13.-   देश में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी होगी और अभी का जंगल राज हमें तब स्वर्ग सा लगेगा | देश तबाह हो चुका होगा और जल्द ही किसी इस्लामिक अफ़्रीकी देश के स्तर पर पहुच जाएगा |

14-   भारत, हिंदू, पंथ-निरपेक्षता सिर्फ सपनो के शब्द रह जायेंगे | देश का अस्तित्व उसकी सांस्कृतिक पहचान खत्म हो चुकी होगी क्यों की हिंदुत्व यानी वैदिक धर्म से ही हैं |

 15-ऐसे वक्त में फिर कोई शिवा पैदा होगा, सांगा होगा, राणा प्रताप होगा, वीर हेमू, क्षत्रशाल,  गोविन्द सिंह, बंद वैरागी जैसे योद्धा निकल के आयेंगे | ये लोंग तो सदैव से हैं सदैव रहेंगे ,पर नहीं रहेगा | आज जितना विशाल भारत जो थोडा बहुत देश बचा पायेंगे वो भी लाशो के ढेर पर होगा | ये सब रुक सकता हैं अगर हम समय रहते भारत को वैदिक राष्ट्र/आर्य राष्ट्र /हिंदू राष्ट्र बना ले |
इतना जान लेने के बाद भी यह अक्ल के अंधे सेकुलर इन खतरों के प्रति उदासीन है , तो यह विडिओ खुद देखें ओर अपने जैसे सेकुलर रोगियों को जरुर दिखाएँ . जिसमे जकारिया नायक खुले आम कह रहा है कि मुस्लिम राज्य में गैर मुस्लिमों कोई अधिकार नहीं होता .याद रखिये  कि  गैर  मुस्लिमों में सेकुलर भी शामिल है , और इस्लाम  की नजर में काफिर  माने जाते हैं .

Non-Muslims will not have equal Humanrights - Zakir Naik

(World's most popular Muslim scholar Dr. Zakir Naik says that "Non-Muslims will NOT be allowed to preach their religion & to build their places of worship in an Islamic State.)

http://www.youtube.com/watch?v=6jYUL7eBdHg

हमारे  सामने  पाकिस्तान ,बंगलादेश ,इंडोनेशिया और मलेशिया  का उदहारण  मौजूद , एक समय यह सभी हिन्दू  देश थे .

2-आतंकवाद   की  जड़   कुरान  ही है ?

जकारिया  नायक  जैसे  मक्कार कितना भी  झूठा  प्रचार   करें  कि  कुरान    आपसी  प्रेम  औए शांति का सन्देश   देती है . लेकिन  कुरान की  सभी  आयतों  विश्लेषण   करने पर पता चलता है  कि   आतंकवाद    की जड़   कुरान  ही है . कुरान  शांति की नहीं  अशांति ,शिक्षा  देती है .कुरान की नजर में औरतें   जहन्नम की ईंधन हैं .और सभी गैर मुस्लिम   क़त्ल के योग्य हैं  .कुरान शिक्षा , विज्ञानं  और तकनीकी   को पसंद  नहीं  करती .संक्षिप्त  में इसका विश्लेषण दिया जा रहा  है .

-कुरान की आयतों का विश्लेषण 
1 .काफिरों के विरुद्ध - 52 .9 %
2 - अल्लाह के बारे में -17 .61 %
3 .ईमान के बारे में -14 .7 %
4 .आखिरत के बारे में -11 .8
5 .छोटे अपराधों के बारे में -3 .4 %
6.औरतों के अधिकार -3 .0 %

http://www.amberpawlik.com/RandomStudy1.html

जैसे लोग जब चावल पकाते हैं ,तो बर्तन से कुछ चावल निकाल कर समझ लेते हैं कि वह पक गए हैं कि नहीं .इसी तरह कुरान की इन कुछ आयातों को पढ़कर लोग कुरान के बारे में सब समझ जायेंगे .इस से बड़ा और क्या झूठ हो सकता है कि मुसलमान ऐसे  अल्लाह को रहमान और रहीम कहते हैं .जबकि कुरान  में 164  ऐसी  आयतें  मौजूद  हैं जिन में  आतंक , हत्या ,  गैर मुस्लिमों  पर अत्याचार , जबरन धर्म परिवर्तन  महिलाओं  निकृष्ट प्राणी बताने और गुलाम  बनाकर  खरीदने  बेचने की शिक्षा  दी गयी  है .दी गयी साईट में ऐसी  आयातों   की पूरी लिस्ट  दी गयी  है ,

http://www.answering-islam.org/Quran/Themes/jihad_passages.html#horizontal

3-जिहादी  लक्ष्य सन  2030 ई .
आज  जो  जिहादी  विचार  वाले  लोग भारत  को इस्लामी  देश  बनाने  की योजना  बना रहे हैं , वह भली भांति समझ गए है कि प्रजातंत्र में  केवल संख्याबल  का  महत्व  होता  है  . इसमे घोड़ा  और गधा  के गुण  नहीं  संख्या  गिनी  जाती  है , इसलिए  एक तरफ  तो मुसलमान  अपनी संख्या  बढ़ाने  में लगे  रहते  हैं ,और दूसरी तरफ खुद को  अल्पसंख्यक बता कर  रोज नयी नयी सुविधाओं  की मांग  करते रहते  हैं .और सत्ता  की लोभी सरकार     वोटों  की खातिर मुस्लिमों  के तुष्टिकरण   में  लगी रहती  है .हद तो  जब  हो जाती है  कि  बड़े से बड़े  जघन्य  अपराधी को या तो  माफ़  कर दिया  जाता है  ,या कम सजा  देकर  रिहा  कर  दिया  जाता  है . और  उस अपराधी को फिर  से  अपराध  करने का  अवसर  दे दिया  जाता  है . दब्बू  और  बिकाऊ   मीडिया  भी उन अपराधियों   के  नाम   नहीं  देते .उन्हें  डर  होता  है कि नाम  देने से  सरकार  उन पर  सम्प्रदायवादी  होने का  आरोप   लगा  दगी .इसीलिए अपराधियों के हौसले  बढे  हुए  हैं . वास्तव में यह अपराध भी  जिहाद  का एक  नया  रूप  है .
 अब  अपराध ( जिहाद  ) करने के लिए  18 साल  की  कम  आयु   के  लड़कों    का प्रयोग  किया जा रहा    है . ताकि कम से कम सजा मिले  ,और  जल्दी  रिहाई  हो सके .भारत को इस्लामी देश  बनाने की योजना सफल  करने के लिए  इन जिहादियों ने नयी तरकीब  निकाली है कि पहले तो देश में  इतने अपराध  करो  कि देश  में अशांति ,अव्यवस्था  और अफरातफरी   का वातावरण    पैदा  हो जाये .फिर सीमा  पार  से उनके भाई जिहादी  देश  में घुस जाएँ , और उनके साथ सेकुलर  भी  मिल  जायेगे .जिहादियों  ने इसके लिए  सन 2030  का  टारगेट   तय  किया  है ,और अगर  यही  मुस्लिम  तुष्टिकरण  की  नीति  चलती  रही ,और हिन्दू सेकुलर बन कर नामर्द  बनते रहे  तो ,भारत को सन  2050  तक  मुस्लिम  देश  बनने से   कोई  नहीं  बचा  सकेगा .!

.नोट - यह लेख  http://www.voiceofaryas.com/islamization-of-india/ से प्रभावित होकर लिखा है . हम उनके हार्दिक आभारी है .(2/12/2012-3/12/2012)

शनिवार, 24 अगस्त 2013

टी वी सीरियल जिहाद !

जिहाद  को  इस्लाम  में अनिवार्य  और धार्मिक  कार्य   माना  जाता  है . इसका  उद्देश्य  विश्व  के सभी धर्मों  और संस्कृतियों  को मिटा  कर इस्लाम  को फैलाना  है . जिहाद  के लिए  मुसलमान  हर तरह  के उपाय  और हथकंडे  अपनाते  रहे  हैं . इस्लाम  के प्रारम्भ   से लेकर  आधुनिक  काल  तक  मुसलमान जिहाद  के लिए तलवार  का  प्रयोग  किया  करते  थे .लेकिन  विज्ञानं  के इस वर्त्तमान  काल  में  मुसलमानों  ने जिहाद  के लिए नए तरीके निकाल  लिए  हैं .जैसे "लव जिहाद " और "ब्लोगिंग जिहाद "  सबसे  महत्वपूर्ण  बात  यह  है  कि   जिहाद  के इन सभी नए तरीकों  में अकसर  भोली भाली  हिन्दू लड़कियों   या  युवकों  को निशाना  बनाया  जाता  है . और इंटरनेट    या टी .वी .सीरियल  के माध्यम  से   इस्लाम  के अत्याचारी रूप पर  बुरका  डालने की  कोशिश  की  जाती  , और हिन्दू धर्म  में कमियां  निकाल  कर  लोगों  को इस्लाम  के प्रति आकर्षण  पैदा  करने    का प्रयत्न  किया  जाता  है . अपनी   इस कपटी  योजना  को सफल  करने के  लिए मक्कार मुसलमान  एक  तरकीब  अपनाते  हैं ,कि सबसे बड़े  अत्याचारी ,अय्याश , हिन्दूविरोधी  मुसलमान  बादशाह  को न्यायी ,धर्मनिरपेक्ष  ,सदाचारी और   दयालु   साबित   करने लगते  हैं .इसका  ताजा  उदाहरण   टी .वी  सीरियल  " जोधा अकबर " है . जिसे  हिन्दू  महिलाएं  भी  नियमित  रूप  से देखती  हैं .जिस से  उनका  "ब्रेन वाश " किया  जा रहा  है    .
1-जोधा अकबर सीरियल 
इस  सीरियल  का निर्माण  और प्रदर्शन  बालाजी  टेली फिल्म्स  के बैनर  से एकता  कपूर  कर रही  है . और 18  जून  सन 2013  से यह  सीरियल  शनिवार और रविवार   को छोड़कर  रोज रात  8.30  पर  जी टी .वी .पर  दिखाया   जा रहा  है . लेकिन  बहुत कम   लोग  जानते होंगे कि  इस सीरियल  का " पट लेखक (Script  Writer  ) एक  कट्टर  जिहादी  विचार रखने वाला  व्यक्ति  है .  जिसका  नाम "नावेद असलम " है .इसने "जामिया  मिल्लिया इलामिया  " से सन 1989  में  स्नातक   की डिग्री  ली थी . जामिया  इस्लाम  के कट्टरवादी और जिहादी विचारों  का गढ़  माना  जाता  है .लोगों  को याद  होगा  कि  पहले महराणा  प्रताप  के बारे में  एक सीरियल  निकला  था . जिसमे राणा  को एक हिन्दू धर्म  का रक्षक  और अकबर को अत्याचारी  बताया  गया था .इसलिए  लोगों के दिमाग से राणा  की वह छवि  मिटाने  और अकबर को एक सेकुलर  और  सभी  धर्मों  का आदर  करने वाला बादशाह  साबित  करने के   लिए नावेद  असलम  ने   मुल्लों  के इशारे  पर इस सीरियल  की  पटकथा   लिखी  है . जो सरासर  झूठ  और  निराधार   है . यहाँ पर अकबर  की असलियत   के कुछ  नमूने संक्षित  में दिये  जा रहे हैं .
2-अकबर  की पत्नियां  और रखैलें 
 हकीकत यह है कि अकबर के सभी पूर्वज बाबर, हुमायूं, से लेकर तैमूर तक सब भारत में लूट, बलात्कार, धर्म परिवर्तन, मंदिर विध्वंस, आदि कामों में लगे रहे. वे कभी एक भारतीय नहीं थे और इसी तरह अकबर भी नहीं था. और इस पर भी हमारी हिंदू जाति अकबर को हिन्दुस्तान की शान समझती रही!
अकबर एक कट्टर सुन्नी  मुसलमान  था ,इसने अपने  नाम  में मुहम्मद शब्द  जोड़ लिया था . जिस से इसका पूरा नाम "जलालुद्दीन  मुहम्मद अकबर  " हो गया .और  जैसे  मुहम्मद साहब  ने  कई पत्नियाँ  और रखैलें    रखी थीं .लेकिन  अकबर ने  मुहम्मद साहब से  कई गुना  अधिक औरतें  और रखेलें  रख  ली थीं , जिन्हें  लौंडियाँ   कहा  जाता  है .मुसलमान  अकबर  की सिर्फ  तीन  औरतें  बताते  हैं ,1 .रुकैय्या   बेगम , जो अकबर के फूफा  बैरम  खान  की विधवा  थी .2 .सलीमाँ   बेगम  जो अकबर  की चचेरी  बहिन  थी .3 . लोग  जोधा  बाई  को अकबर की तीसरी  पत्नी   बताते हैं .इसका  असली नाम  हीरा  कुंवरी  या रुक्मावती  था , यह आम्बेर  के राज  भारमल  की बड़ी बेटी थी .लोग इसी को जोधा  कहते  हैं .जोधा अकबर  से आयु  में बड़ी थी .और  राजा  मानसिंह  की बहिन  लगती थी ,जिसे अकबर ने अपने नवरत्नों  में शामिल  कर लिया  था जोधा और अकबर  की शादी  जयपुर  के पास साम्भर  नाम  की जगह  20  जनवरी  सन 1562  को  हुई थी . वास्तव में  राजा  भारमल  ने जोधा  की डोली  भेजी  थी . जिसके बदले अकबर  ने उसे मनसबदरी  दी  थी .लेकिन  वास्तविकता  कुछ  और है ,
अबुल फज़ल ने अकबर के हरम को इस तरह वर्णित किया है- “अकबर के हरम में पांच हजार औरतें थीं और हर एक का अपना अलग घर था.” ये पांच हजार औरतें उसकी 36 पत्नियों से अलग थीं.आइन ए अकबरी में अबुल फजल ने लिखा है- “शहंशाह के महल के पास ही एक शराबखाना बनाया गया था. वहाँ इतनी वेश्याएं इकट्ठी हो गयीं कि उनकी गिनती करनी भी मुश्किल हो गयी. दरबारी नर्तकियों को अपने घर ले जाते थे. अगर कोई दरबारी किसी नयी लड़की को घर ले जाना चाहे तो उसको अकबर से आज्ञा लेनी पड़ती थी. कई बार जवान लोगों में लड़ाई झगडा भी हो जाता था. एक बार अकबर ने खुद कुछ वेश्याओं को बुलाया और उनसे पूछा कि उनसे सबसे पहले भोग किसने किया”.आइन ए अकबरी में अबुल फजल ने लिखा है- “शहंशाह के महल के पास ही एक शराबखाना बनाया गया था. वहाँ इतनी वेश्याएं इकट्ठी हो गयीं कि उनकी गिनती करनी भी मुश्किल हो गयी. दरबारी नर्तकियों को अपने घर ले जाते थे. अगर कोई दरबारी किसी नयी लड़की को घर ले जाना चाहे तो उसको अकबर से आज्ञा लेनी पड़ती थी. कई बार जवान लोगों में लड़ाई झगडा भी हो जाता था. एक बार अकबर ने खुद कुछ वेश्याओं को बुलाया और उनसे पूछा कि उनसे सबसे पहले भोग किसने किया”.रणथंभोर की संधि में अकबर महान की पहली शर्त यह थी कि राजपूत अपनी स्त्रियों की डोलियों को अकबर के शाही हरम के लिए रवाना कर दें यदि वे अपने सिपाही वापस चाहते हैं.ग्रीमन के अनुसार अकबर अपनी रखैलों को अपने दरबारियों में बाँट देता था. औरतों को एक वस्तु की तरह बांटना और खरीदना अकबर की  की  नीति  थी .
विन्सेंट स्मिथ जैसे अकबर प्रेमी को भी यह बात माननी पड़ी कि चित्तौड़ पर हमले के पीछे केवल उसकी सब कुछ जीतने की हवस ही काम कर रही थी. वहीँ दूसरी तरफ महाराणा प्रताप अपने देश के लिए लड़ रहे थे और कोशिश की कि राजपूतों की इज्जत उनकी स्त्रियां मुगलों के हरम में न जा सकें
3-अकबर की कुरूपता 
इतिहास  की किताबों  और  मुग़ल काल  की पेंटिंग  में अकबर  को  एक स्वस्थ  और रौबदार   चहरे वाला सुन्दर व्यक्ति चित्रित  किया  जाता ,लेकिन,“अकबर एक औसत दर्जे की लम्बाई का था. उसके बाएं पैर में लंगड़ापन था. उसका सिर अपने दायें कंधे की तरफ झुका रहता था. उसकी नाक छोटी थी जिसकी हड्डी बाहर को निकली हुई थी. उसके नाक के नथुने ऐसे दीखते थे जैसे वो गुस्से में हो. आधे मटर के दाने के बराबर एक मस्सा उसके होंठ और नथुनों को मिलाता था. वह गहरे रंग का था”
4-अकबर की  धर्मनिरपेक्षता 
आजकल  बच्चों  को इतिहास  की किताबों  में पढाया  जाता  है ,कि अकबर सभी धर्मों  का आदर  करता था . और यहाँ  तक कि  उसने जोधा  बाई  को भी एक मंदिर  भी बनवा  दिया था ,जिसने वह हिन्दू  रीती  के अनुसार पूजा ,आरती  और कृष्ण  की भक्ति किया  करती  थी , यही"  मुगले आजम "  पिक्चर  में भी दिखाया था   .जो  के .आसिफ   ने बनायीं  थी . लेकिन  वास्तविकता  यह है कि  जोधा  से शादी   के कुछ समय बाद अकबर  ने जोधा  को मुसलमान  बना  दिया था . और उसका इस्लामी  नाम ", मरियम उज्जमानी ( مريم  ازماني  )  रख  दिया था .और 6  फरवरी  सन  1562  को इसलामी  तरीके  से निकाह  पढ़  लिया  था .और इसीलिए जब  जोधा  मर गयी  तो उसका हिन्दू रीती से दाह संस्कार  नहीं  किया गया , बल्कि एक मुस्लिम  की तरह  दफना  दिया गया .आज  भी  जोधा  की कबर    अकबर  की कबर जो सिकन्दरा में है  उस से     से  कुछ  किलोमीटर   बनी   है  ,देखी  जा सकती  है .
यही  नहीं अकबर  ने अपनी  अय्याशी  के लिए इस्लाम  का भी  दुरुपयोग   किया था ,चूँकि सुन्नी फिरके के अनुसार  एक मुस्लिम  एक साथ  चार  से अधिक औरतें  नहीं रखता . और जब  अकबर उस से अधिक  औरतें  रखने  लगा  तो ,काजी  ने उसे टोक  दिया  .इस  से नाराज  होकर अकबर ने उस सुन्नी  काजी  को हटा  कर शिया काजी  को रख  लिया , क्योंकि शिया  फिरके  में असीमित  अस्थायी  शादियों  की इजाजत  है , ऐसी शदियों  को " मुतअ "  कहा  जाता  है .आज  भी मुसलमान  अपने  फायदे के लिए  कुरान   की  व्याख्या  किया  करते  हैं
4-बादशाह की रहमदिली 
मुसलमान  अकबर को  न्यायी  दयालु  नरमदिल बताते  हैं ,लेकिन  यह भी झूठ  है ,क्योंकि ,जब    6 नवम्बर 1556 को 14 साल की आयु में अकबर महान पानीपत की लड़ाई में भाग ले रहा था. हिंदू राजा हेमू की सेना मुग़ल सेना को खदेड़ रही थी कि अचानक हेमू को आँख में तीर लगा और वह बेहोश हो गया. उसे मरा सोचकर उसकी सेना में भगदड़ मच गयी. तब हेमू को बेहोशी की हालत में अकबर महान के सामने लाया गया और इसने बहादुरी से हेमू का सिर काट लिया और तब इसे गाजी के खिताब से नवाजा गया. इसके तुरंत बाद जब अकबर महान की सेना दिल्ली आई तो कटे हुए काफिरों के सिरों से मीनार बनायी गयी जो जीत के जश्न का प्रतीक है और यह तरीका अकबर महान के पूर्वजों से ही चला आ रहा है.हेमू के बूढ़े पिता को भी अकबर महान ने कटवा डाला. और औरतों को उनकी सही जगह अर्थात शाही हरम में भिजवा दिया गया
चित्तौड़ पर कब्ज़ा करने के बाद अकबर महान ने तीस हजार नागरिकों का क़त्ल करवाया.
2 सितम्बर 1573 के दिन अहमदाबाद में उसने 2000 दुश्मनों के सिर काटकर अब तक की सबसे ऊंची सिरों की मीनार बनायी. वैसे इसके पहले सबसे ऊंची मीनार बनाने का सौभाग्य भी अकबर महान के दादा बाबर का ही था. अर्थात कीर्तिमान घर के घर में ही रहा!
अकबरनामा के अनुसार जब बंगाल का दाउद खान हारा, तो कटे सिरों के आठ मीनार बनाए गए थे. यह फिर से एक नया कीर्तिमान था. जब दाउद खान ने मरते समय पानी माँगा तो उसे जूतों में पानी पीने को दिया गया.
अकबर ने मुजफ्फर शाह को हाथी से कुचलवाया. हमजबान की जबान ही कटवा डाली. मसूद हुसैन मिर्ज़ा की आँखें सीकर बंद कर दी गयीं. उसके 300 साथी उसके सामने लाये गए और उनके चेहरे पर गधों, भेड़ों और कुत्तों की खालें डाल कर काट डाला गया. विन्सेंट स्मिथ ने यह लिखा है कि अकबर महान फांसी देना, सिर कटवाना, शरीर के अंग कटवाना, आदि सजाएं भी देते थे.
5-नए धर्म की स्थापना 
अकबर  और  मुहम्मद साहब  में  कुछ  ऐसी समानताएं  हैं ,जिन पर  लोगों  ने ध्यान  नहीं  दिया . जैसे दौनों अनपढ़  और निरक्षर  थे . दौनों  को  कई  कई औरतें  रखने   का  शौक  था .और   जैसे  मुहम्मद  साहब  ने बिना  किसी योग्यता  के  खुद  को अल्लाह  का रसूल  घोषित   कर  दिया ,और  इस्लाम  नामका   नया दीन (  ) चला  दिया . उसी तरह अकबर  ने भी खुद  को अल्लाह  का खलीफा (    )  घोषित  करके  "दीने  इलाही -   دین الهی‎  " नामका  धर्म  चला  दिया . यहाँ  तक   मुसलमानों  के कलमें  में यह  शब्द "अकबर   खलीफतुल्लाह  -  اكبر خليفة الله  "  भी  जुड़वा  लिए थे .उसने लोगों को आदेश दिए कि आपस में “अल्लाह ओ अकबर” कह कर अभिवादन किया जाए.यही  नहीं  अकबर ने  हिन्दुओं  को गुमराह  करने  के  लिए एक फर्जी उपनिषद् "अल्लोपनिषद  "  बनवाया  था ,जिसमे अरबी और संस्कृत  मिश्रित  भाषा  में मुहम्मद  को अल्लाह  का रसूल और अकबर को खलीफा बताया  गया  था . इस फर्जी उपनिषद् का उल्लेख  महर्षि  दयानंद  ने सत्यार्थ  प्रकाश  में  किया   है .और  अल्लोपनिषद  का मुंहतोड़  जवाब भंडाफोडू  ब्लॉग  ने "अरबोपनिषद " बना  कर  दिया  था .फिर  भी  जो  नादान  लोग जोधा अकबर सीरियल   से  प्रभावित  होकर अकबर  को महान  और सेकुलर मानते  हैं  उन्हें  पता  होना  चाहिए  कि यह सीरियल  नहीं  एक  जिहाद  है ,महाराणा  प्रताप  के सामने  अकबर जैसे दुष्ट  का महिमा मंडन  उचित  नहीं  है  क्योंकि  ,

"अकबर महान अगर, राणा शैतान तो
शूकर है राजा, नहीं शेर वनराज है
अकबर आबाद और राणा बर्बाद है तो
हिजड़ों की झोली पुत्र, पौरुष बेकार है
अकबर महाबली और राणा बलहीन तो
कुत्ता चढ़ा है जैसे मस्तक गजराज है
अकबर सम्राट, राणा छिपता भयभीत तो
हिरण सोचे, सिंह दल उसका शिकार है
अकबर निर्माता, देश भारत है उसकी देन
कहना यह जिनका शत बार धिक्कार है
अकबर है प्यारा जिसे राणा स्वीकार नहीं
रगों में पिता का जैसे खून अस्वीकार है.

http://agniveer.com/akbar-great-hi/
http://www.hindunet.org/hindu_history/modern/akbar_vs.html


सोमवार, 12 अगस्त 2013

कहाँ है पकिस्तान ?

इस शीर्षक  को देख कर लोग जरुर चौंक  जायेगे ,क्योंकि लोग  उसी पाकिस्तान  को जानते हैं , जिसे धर्म  के आधार पर  भारत को विभाजित  करके बनाया    गया था .और  जो साठ  साल  से  भारत के साथ   क्षद्म  युद्ध  छेड़े  हुए है . और आजकल  जिसका प्रधान  मंत्री नावाज  शरीफ  है .जिसके इशारे पर नापाक सैनिकों  ने भारत की सीमा  में घुस कर  धोखे से  रत को ही  हमारे सैनिकों  को शहीद  कर  दिया .
लेकिन यह तो पाकिस्तान  का वह स्वरूप  है ,जो दिखाई  देता है .परन्तु एक और पाकिस्तान  है ,जो गुप्त रूप से  भारत के अन्दर ही  मौजूद  है ,और लोग उसके  बारे में खुल कर मुंह नहीं खोलते . क्योंकि उनके मुंह पर सेकुलर ढक्कन  लगा हुआ है .इस गुप्त  पाकिस्तान   बारे में और इसके मंसूबों  के बारे में सही जानकारी  के  लिए हमें पाकिस्तान  की बुनियाद खोदना  होगी .
1-पाकिस्तान  की पैदायश 
जिस तरह किसी ईमारत  को बनाने  के लिए  पहले भूमि   खरीदी  जाती  है ,फिर नक्शा  बनाया  जाता  है . तब  निर्माण  की सामग्री   जमा  करा  कर . किसी इंजिनियर  की देखरेख  में  ईमारत  बनवाई  जाती  है .इसी तरह  पाकिस्तान  की जमीन  तो 29  दिसंबर  1930 को इलाहबाद  में तय्यार  हो गयी थी . जब "अल्लामा  इकबाल " की अध्यक्षता में  मुस्लिम  लीग  का  25 वां  सम्मलेन  हुआ  था .इसका मुख्य विषय  तुर्की  की  इस्लामी  हुकूमत था क्योंकि .सन 1909 तक  तुर्की पर " खलीफा अब्दुल हामिद"   राज  करता था . जो विश्व  के सभी मुसलमानों  के लिए वही  दर्जा  रखता था .जो इसाई देशों में पोप  का है .
लेकिन 13 अप्रेल सन 1909  को  अंगरेज  सेना ने "समर सेट आर्थर गोघ  (Somerset Aurthor Gough "के नेतृत्व  में  खलीफा  को गद्दी  से  उतार  दिया  था .परन्तु  खलीफा  ने  गद्दी  से उतरते समय सभी मुसलमानों  को अंगरेजों  के विरुद्ध सशश्त्र  जिहाद  करने  का आदेश दे  दिया .चूंकि  उस समय भारत  पर  अंगरेजों  की  हुकूमत थी . इसलए मुसलमान  उनके भी शत्रु  बन गए . इसे भी खिलाफत  मूवमेंट  कहा  जाता  है . इसी  लिए इलाहबाद  में  इकबाल  ने कहा था ,
" हो जाये  अगर शाहे खुरासां का  इशारा , सिजदा  न  करूँ   हिन्द  की नापाक  जमीं पर "
यानी अगर तुर्की  का खलीफा इशारा  भी  कर  दे तो हम  भारत की नापाक जमीन  पर नमाज  भी  नहीं पड़ेंगे ." चूँकि  नापाक का अर्थ अपवित्र  होता  है .और उसका विलोम शब्द "पाक " यानि पवित्र  होता  है . यही शब्द  पाकिस्तान की बुनियाद  है .
2-पाकिस्तान  के सात अक्षर 
इकबाल   के द्वारा  भारत यानि हिंदुस्तान  के लिए कहे गए  शब्द "नापाक " का उल्टा या Opposit शब्द  पाक  होता  है .इसी  को लेकर पकिस्तान शब्द बनाया  गया . जिसका अर्थ पवित्र  देश  होता . वैसे  यह दो शब्दों "पाक +स्तान " से बना हुआ  लगता  है .परन्तु उर्दू  के इसके सात अक्षर   हैं . जिनके हरेक अक्षर  से पाकिस्तान के  उन हिस्सों या प्रान्तों  का पता चलता है ,जो जिन्ना  पाकिस्तान  में शामिल  करना  चाहता था . लेकिन  कई हिस्से शामिल नहीं हो सके . यह सात अक्षर इस प्रकार हैं '
1 .पे -پ -प  -= ( पंजाब )
2 .आलिफ-ا - अ  =असम ( पूर्वोत्तर  प्रांत )
3 .काफ़ - ک -   क =कश्मीर
 4 .सीन - س -स =सिन्ध 
5 .ते - ت-त =तराई (गंगा यमुना  का सिंचित क्षेत्र )
6 .अलिफ - ا -अ  = अवध ( पूरा यूपी )
7 .नून - ن -न  = निजाम ( हैदराबाद )
इस तरह इन उर्दू  के सात  अक्षरों  से मिलकर "पाकिस्तान - پاکستان   " शब्द  बना  है .जो  उसके क्षेत्र को भी प्रदर्शित  करता  है .मगर
इन  में से चार  हिस्से असम , कश्मीर , अवध ,तराई  और निजाम  पकिस्तान  को नहीं  मिले .जिन्ना ने  कराची  में जब 14 अगस्त  1947  को पहली  बार पाकिस्तान  का झंडा फहराया ,तो कहा था  कि इन हिन्दुओं  ने हमारे साथ धोखा  किया ,और आधा  अधूरा  ,टूटा फूटा  पाकिस्तान   दे दिया  है यह सुन कर  सुहरावर्दी  ने जिन्ना  से  कहा था ,आप कुछ समय सब्र  करिए ,देखना एक दिन यही हिन्दू पूरा हिंदुस्तान चांदी  की तश्तरी  पर रख कर आपको पेश  कर देंगे . आज यह सेकुलर जिन्ना  के उसी सपने को साकार कर रहे हैं ..
.पुराने  लोगों  को याद  होगा उन  दिनों मुसलमान  यह नारा  लगाते थे ,
" हंस के  लिया  है पाकिस्तान ,लड़  के लेंगे  हिन्दुस्तान "
इसी  लिए पाकिस्तान  किसी बहाने भारत   से तब तक लड़ता रहेगा  ,जब तक यातो  पाकिस्तान  मिट जाये  या भारत  इस्लामी  देश  बन  जाये .लोग  कुछ  भी करें  या  कहते  रहें   पाकिस्तान  से दोस्ती कभी नहीं होगी .
3-भारत  में पाकिस्तान 
अब तक उस पकिस्तान  की बात    बताई गयी ,जो प्रकट दिखाई देता है ,लेकिन एक  गुप्त पाकिस्तान   भी है ,जो भारत  में फैला  हुआ  है . आप भारत  के किसी ऐसे शहर  को देखिये जिसके नाम  के आगे " बाद " शब्द लगा  हुआ हो , जैसे अहमदाबाद (कर्णा वती ) फैजाबाद (अयोध्या ) अकबराबाद (आगरा ) मुरादाबाद  इत्यादि , आप इन सभी शहरों  में जाकर देखिये इनमें कई  मोहल्ले  मुस्लिम  बहुल   होंगे , वहीँ  जिहादी आतंकवादी  शरण  लेते हैं .जिनकी यहाँ के मुसलमान  मदद  करते  हैं .और जब इन शहरों  के मुसलमानों  की संख्या   इतनी बढ़  जाएगी  कि  यह शहर फ़ैल  कर दुसरे मुस्लिम   शहर  से मिल जायेंगे तो उतना भाग खुद पाकिस्तान  बन  जायेगा .यह  प्रक्रिया   चल रही  है .
4-पंचमार्गी   या गद्दार 
विश्व  के लगभग सभी देशों  को आसपास  की सीमाओं  पर चारों तरफ   से शत्रु  से खतरा   हो सकता है ,या  किसी भी देश पर  को चारों  तरफ  से  हमला  किया जा सकता  है . लेकिन  हमारी कमजोरी  है कि  भारत पर पाँचों  तरफ  हमला  हो रहा  है , क्यों  भारत के अन्दर " पंच मार्गी Fifth columnist  " मौजूद  हैं .अन्दर  के गद्दारों  के लिए यह शब्द 1938  में उस समय  बनाया  गया  था . जब  जर्मन  सेना "चेकोस्लोवालिया    " पर  हमले  की तय्यारी  कर रही थी .उस समय जर्मन  सेनापति  "होफमेन Hofman  " ने  हिटलर  से कहा था  कि  हमारी सेना  ने "चेकोस्लोवालिया Czekoslovakia     " को पाँचों  तरफ  से घेर  लिया  है . हिटलर ने पूछा  कैसे ? तो  होफ्मेन  ने बताया  कि  जब हमारी सेना  चारों तरफ से "चेकोस्लोवालिया    " पर हमला करेगी तो , वहां के अल्प संख्यक जर्मन  युवक अंदर से  हमारी  मदद  करेंगे .  और ऐसा ही हुआ . उन  युवकों  ने  देश भर में , लूट , हत्या ,वीस्फोट , आतंक और अपहरण   की  भरमार  करके अराजकता  फैला  दी , जिस से जर्मन  सेना  को  "चेकोस्लोवालिया    " कब्ज़ा  करने में देर  नहीं  लगी .
दुर्भाग्य  है कि  आज भारत  कई शहरों  में  पांचमार्गी    मौजूद  है . को मौका देख रहें  हैं  कि  कब  पाकिस्तान भारत पर हमला करे  , और हम खुल  कर  उसकी मदद  करें . अभी तक तो यह लोग इधर उधर आतंकी  वारदात  करते ही  रहते  हैं .बाद में उनके साथ  सेकुलर भी  शामिल  हो जायेंगे !

सावधान  यह सीमा विवाद या भारत पाक समस्या  या  आतंकवाद  की समस्या   नहीं  है ,जिसका हल  हो जायेगा  . यह इस्लामी  विस्तारवादी  योजना  है . जिसका उदेश्य विश्व  में इस्लामी राज्य  की स्थापना  करना  है . 
और  इसका जवाब  सिर्फ धर्मयुद्ध  से ही  हो सकता  है . समझ  लीजिये   यदि  मारोगे नहीं तो मारे  जाओगे !

http://www.preservearticles.com/2011091613456/what-are-the-causes-of-partition-of-india.html

मंगलवार, 6 अगस्त 2013

सेकुलर गाइड !


जैसे जैसे लोकसभा  के चुनाव  पास आने लगे हैं ,तो मुस्लिम वोटों  को रिझाने के लिए देश के कुख्यात , अपराधी ,भ्रष्टाचारी ,हत्यारे ,बलात्करी नेता खुद को सबसे बड़ा और असली सेकुलर साबित करने के हर प्रकार के हथकंडे  अपना  रहे हैं .कांगरेस  तो सोनिया कुपुत्र राहुल  को प्रधानमंत्री  की कुर्सी पर बिठाने  के सपने देख रही  है .और  दुसरे नेता  भी सेकुलरिज्म    की आड़ में अपने कुकर्मों पर पर्दा  डालने की योजना  बना रहे  हैं .सबसे बड़े आश्चर्य  की बात  तो यह है कि  कट्टर  जिहादी विचार रखने वाले  मुस्लिम नेता भी हिन्दुओं  को गुमराह  करने के लिए  सेकुलरिज्म  की वकालत करने लगते हैं .
बहुत  कम  लोगों को यह पता होगा कि हिन्दू ,ईसाई  और इस्लाम के धर्म  ग्रंथों में "सेकुलरिज्म-Seculrism "या  उसका समानार्थी  शब्द  कहीं मिलता  है . वास्तव  में यह शब्द कैथोलिक संप्रदाय  से   सम्बंधित  है ."सेकुलर Secular  "उन पादरियों  को  कहा  जाता  था ,जो अपना ब्रह्मचर्य  त्याग  कर गृहस्थ  जीवन  अपना  लेते थे .सोनिया की तरह सेकुलर शब्द  भी विदेशी  है ,सेकुलर शब्द भारत के संविधान के  प्रस्ताव  में 42  वें संशोधन  में  सन 1976  को जोड़ दिया गया था. उस समय इंदिरा  गांधी प्रधान मंत्री  थी .जो  हिन्दू  विरोधी  मानसिकता   रखती  थी .बहुत कम  लोग जानते होंगे कि  फिरोज खान  से शादी  करके  इंदिरा ने गुप्त रूप से  इस्लाम  कबूल  कर लिया था . और उसका इस्लामी  नाम "मैमूना   बेगम "था
इसके बाद धूर्त कांगरेसियों   ने 'सेकुलरिज्म   " का अर्थ "धर्मनिरपेक्ष "  शब्द  गढ़  लिया . और इसका  विपरीत शब्द " सम्प्रदायवाद "   भी बना  लिया .वास्तव  में  यह शब्द  नहीं  एक हथियार है . जिसका    प्रयोग देश भक्त हिन्दुओं  को फ़साने के  लिए    किया  जाता है .यद्यपि एक बार नरेन्द्र मोदी  ने अप्रवासी  भारतीयों  की एक सभा में कहा  था "धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा सरल है:. 'भारत प्रथम' तुम जो भी करो, तुम काम करते हैं जहाँ भी, भारत अपने सभी नागरिकों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
""देश, सभी धर्मों और विचारधाराओं से ऊपर है"
"Country is above all religions and ideologies,"


इसके  बावजूद  जो लोग मोदी  जैसे राष्ट्रभक्त  को सम्प्रदायवादी  और मुस्लिम परस्त    नेताओं  को सेकुलर   मानते हैं ,उन्हें पहले  यह  जानने  की जरूरत  है ,कि बाइबिल के आधार  पर ईसाई विद्वान् ,और कुरान  के आधार पर  मुल्ले सेकुलरिज्म  के बारे में क्या विचार  रखते हैं .

1-ईसाई  धर्म  और सेकुलरिज्म 
ईसाई  धर्म  के विद्वानों  ने बाइबल  के आधार  पर  सेकुलरिज्म  की इस प्रकार  से व्याख्या  की है .जैसा  कि     बाइबिल  की इस आयत  में     कहा गया है  "उन दिनों  में इस्राएल  में  कोई राजा  नहीं था .और जिसको जो सूझ पड़ता था , वह वही  काम  करता   था . 
बाइबिल -न्यायियों 21 :25 और 17:6

ईसाई   विद्वान् इसी  आयत  के आधार पर सेकुलरिज्म   का  असली  अर्थ इस    प्रकार  समझाते  हैं ,
मूलतः सेकुलरिज्म प्रतिपादित करता  है कि  मनुष्य  को ईश्वर  की कोई जरुरत  नहीं है .सेकुलरिज्म  एक ऐसी व्यवस्था  या सिद्धांत  है जो  हरेक धर्म और उपासना पद्धति को नकारता   है . इसका उद्देश्य समाज में से धर्म  के प्रभाव  को निर्मूल  करना  है .कोई देश या समाज जितना अधिक सेकुलर बनता जायेगा ,उतना ही स्वेच्छाचारी  और निरंकुश  होता जायेगा .जैसा  कि बाइबिलमें बताया  गया  है .
सेकुलर व्यक्ति हरेक पाप और कुकर्म  को  जायज  समझता  है .जिस से देश में  अपराधों  की बाढ़  सी आ जाती  है .और जब कोई देश पूरी तरह  से सेकुलर बन जाता है ,तो समाज  में वैवाहिक  संबंधों  की पवित्रता  नष्ट  हो जाती है .फलस्वरूप  देश में अवैध  और वर्णसंकर लोगों  की भरमार  हो जाती  है .जिस से ऐसे देश और समाज के नष्ट होने में देर  नहीं लगती है .

Essentially, secularism says that man does not need God. It can be defined as “a system of doctrines and practices that disregards or rejects any form of religious faith and worship. Its primary objective is the total elimination of all religious elements from society.”

The more our nation embraces secularism, the more it becomes like ancient Israel, where “everyone did what was right in his own eyes”
 (Judges 17:6; 21:25). When the mindset is “if it feels good, do it!” wickedness, perversion, and sin become the norm. In a completely secularized society, marriage is disparaged, morality is mocked, and human life is devalued.

(नोट -बिलकुल  यही बात गीता  के प्रथम अध्याय  के श्लोक  संख्या 40,41 , और42 में   कही गयी  है )

Read more: http://www.gotquestions.org/what-is-secularism.html#ixzz2awP8wMTm

2-इस्लाम  और सेकुलरिज्म 
कुछ धूर्त  मुल्ले मौलवी अपनी जिहादी मानसिकता  को छुपाने  के लिए और लोगों  को गुमराह  करने के लिए  कहते हैं  कि कुरान आपसी भाईचारे  और सभी धर्मों   का सम्मान  करने  की  शिक्षा  देती  है .इसके लिए  वह  कुरान   की सूरा  काफिरून109:6 का हवाला  देते  हैं ,जिसमे कहा  गया  है "तुम्हारे लिए तुम्हारा धर्म ,और  हमारे लिए हमारा धर्म "और   बड़ी चालाकी  से मुस्लिम  विद्वान्    यह साबित करने  का प्रयत्न  करते हैं कि  कुरान    " सर्वधर्म  समभाव " यानी सेकुलरिज्मSecularism " की  शिक्षा  देती  है . लेकिन ऐसे   धूर्त  मुल्ले कुरान की इसी सूरा  की पहली  वाली आयतें  छुपा  लेते   हैं , जिनमे  यह लिखा  है ,
""कह दो हे काफ़िरो ,मैं उसकी इबादत नहीं करता ,तुम जिसकी इबादत करते हो .और  न तुम उसकी इबादत करते हो  जिसकी इबादत हम करते है .और न  हम उसकी इबादत करेंगे ,जिसकी इबादत तुम करते हो. और न कभी  तुम उसकी इबादत करोगे ,जिसकी इबादत  हम करते  हैं .
सूरा -काफिरून 109:1-7

कुरान   की इस सूरा  की व्याख्या  में यह  बताया  गया  है कि ,यह सूरा गैर मुस्लिमों  से विरक्ति ,सम्बन्ध विच्छेद और उनसे  युद्ध  की घोषणा  की सूरा  है .इस से स्पष्ट  होता  है कि कुरान  सर्वधर्म  समभाव  यानी  धर्मनिरपेक्षता   यानी सेकुलरिज्म  की नहीं दुसरे धर्म  के  लोगों  के साथ युद्ध  और    जिहाद  की  शिक्षा  देती  है .
3-अरबी  में सेकुलर  का अर्थ 

अरबी  इस्लाम  की धार्मिक भाषा है ,लेकिन इसमे " सेकुलर -Secular " शब्द  के लिए कोई उचित शब्द नहीं है ,कुछ  लोग इसके लिए
"अल अल्मानिया - العلمانية      "बताते  हैं  ,जो अरबी के शब्द "आलम - عالم  "  से बना है .जिसका अर्थ "सांसारिक wordly-  " होता  है .और कुछ  लोग सेकुलर  का अर्थ "दुनियाविय्या - دنيوية " यानि "लौकिक -temporal"   बताते  हैं .यह सभी शब्द  अरबी के "दीनिया -الدينية"  यानी"  धार्मिक -Religious  "  शब्द  के बिलकुल  विलोम और विपरीत हैं .इसका तात्पर्य यही  है कि  इस्लाम  की नजर में सभी सेकुलर अधार्मिक  यानी काफिर  हैं .वास्तव  में मुसलमान इस्लाम  और राज्य  को अलग  नहीं  करना  चाहते .दुनिया में  जितने  भी मुस्लिम  देश  है ,उन में एक भी देश सेकुलर नहीं है .इर भी भारत  के मुसलमान भारत  को सेकुलर  बनाना  चाहते  हैं ,ताकि इन   सेकुलर  लोगों  के  कन्धों  पर सवार  होकर अपनी जायज  नाजायज  मांगों   को पूरा  करा सके . ताकि एक दिन भारत भी इस्लामी देश  बन  जाये .

इतना  जानने के बाद  भी जो अक्ल  के अंधे सेकुलर बनना   चाहते  हैं , उनके लिए एक बीस सूत्री  सेकुलर  गाइड  दी  जा रही है ,ताकि वह आसानी  से सेकुलर बन कर इस देश को बर्बाद करके इस्लामी राज्य  बनाने में सहयोग  कर सकें .कृपया   इस गाइड  को ध्यान  से  पढ़िए ,

4-सेकुलर  कौन  बन  सकता  है ?

वैसे तो हरेक प्रकार  का  अपराधी और   हिन्दू    विरोधी      खुद ही सेकुलर  बन सकता  है , लेकिन कुछ लोग   आसानी  से सेकुलर   बन    सकते  हैं ,जैसे ,
1.जो  किसी  देश द्रोही या गद्दार  की संतान हों ,जैसे दिग्विजय सिंह
2.जो वर्ण संकर यानी दोगली  औलाद  हों , जैसे राहुल गंदगी
3.जो मुस्लिम आतंक  वादियों  से सहानुभूति  रखते हों
4.जिनके   दिलों  में हिन्दुओं   के लिए  कूट कूट कर नफ़रत   भरी हो ,जैसे मनीष  तिवारी
5.जिसने   इस देश  से    हिन्दुओं  का  सफाया  करने  की कसम   खा   रखी  हो ,जैसे  सोनिया गंदी
5-सेकुलर बनने  की  तरकीब 
1.अपने घरों में सोनिया और राहुल  की तस्वीरें  लगाएं
2.सिरों  पर  हमेशा  मुसलमानी  टोपी  लगा कर   घूमें
3.चाहे खुद रोजा  नहीं  रखें  लेकिन  मुसलमानों  को अफ्तार पार्टी  देते  रहें .
4.घरों  में भजन या भक्ति संगीत  की जगह  कव्वाली  और गजलें बजाते रहें ,चाहे उसका अर्थ समझ  में नहीं आये
5.शिंदे और दिग्विजय  की तरह  हरेक मुस्लिम  आतंकी के लिए हमेशा  आदर  सूचक  शब्द  लगायें
6.हर  महीने किसी  न किसी दरगाह  की जियारत  करते रहें ,और कब्र के अन्दर की सड़ी गली लाश  को प्रणाम  करें
7.हर  महीने किसी  न किसी दरगाह  की जियारत  करते रहें ,और कब्र के अन्दर की सड़ी गली लाश  को प्रणाम  करें
8.भले आप को पता  हो ,लेकिन किसी मुस्लिम  को अपराधी या आतंकी  नहीं  कहें ,बल्कि कहें  कि सिर्फ  हिन्दू  ही आतंकवादी  होते हैं
9.अगर कोई मुसलमान  आपको  घर में बुलाये और खाने के लिए गाय  गोश्त  भी खिलाये  तो प्रेम पूर्वक खा जाइये
10.यदि कोई मुस्लिम यवक आपकी  बहिन या बेटी  को अपने  प्रेमजाल  में फसा  कर मुस्लिम बना  ले तो  आप इसे अपना अहोभाग्य  समझें , क्योंकि ऐसे संबंधों  से  आतंकी ही पैदा  होंगे
6- सेकुलर  होने के फायदे 
1.संजय  निरूपम  की तरह आप पर से भी  संप्रदायवादी  होने का आरोप मिट जायेगा
2.सेकुलर  होने का प्रमाण मिल जाने पर आप जितना चाहे भ्रष्टाचार  ,घोटाले , और  अपराध  कर सकत्ते  हैं .यदि  आप यू  पी  में हों तो मुलायम  सरकार आपके सभी अपराध माफ़ कर देगी
3.  राहुल गंदी  को ऐसे ही लोगों  की  जरूरत  है ,वह आपको  कोई बड़ा  पद भी दे सकता है .
4.आप  जीतनी  भी   काली कमाई  जमा  कर लें  रॉबर्ट  वादरा  की तरह सी बी  आई  (C.B.I )आप  से दूर  ही रहेगी
5.आप अपने दुश्मनों  पर संप्रदायवादी  होने  का आरोप लगा कर उसे  फसवा  सकते हैं .

हमें  आशा  ही नहीं बल्कि पूरा  विश्वास  है  .कि  इस सेकुलर गाइड  के बीस सूत्री निर्देशों  को पढ़ कर आप  पक्के सेकुलर बन  जायेंगे .और देश  के साथ  हिन्दू  धर्म  का भी सत्यानाश  करने  में इटली  माता का  हाथ  मजबूत  करेंगे .