बुधवार, 13 फ़रवरी 2013

कुत्ते मारने वाला रसूल !!


इस्लाम में कुरान के बाद हदीसों को ही प्रमाण माना जाता है , क्योंकि उनमे मुहम्मद साहब के कथन संग्रहित हैं . अधिकांश इस्लामी देशों में उन्हीं के आधार पर कानून भी बनाये गए हैं . लेकिन कुरान की तरह हदीसों में भी परस्पर विरोधी बातों भरमार है . जहाँ एक हदीस किसी काम को गुण , या अच्छा काम बताती है , तो ऐसी कई हदीसें मिल जाती हैं , जो उस से उलटा काम करने का हुक्म देती हैं .
उदाहरण के लिए पिछले महीने एक इस्लामी ब्लॉग पढ़ा , जिसमे यह साबित करने की कोशिश की गयी थी ,कि इस्लाम भी सभी प्राणियों पर दया करने की शिक्षा देता है , और अल्लाह जानवरों पर दया करने वालों के सभी गुनाह माफ़ कर देता है ,और इसी बात को साबित करने के लिए एक हदीस भी दी गयी थी ,परन्तु उसी विषय पर और हदीसें पढ़ने से दी गयी हदीस के दावों का भंडा फ़ूट गया .
इस बात को और स्पष्ट करने के लिए पहले वह हदीस दी जा रही है ,जिसमे जानवरों पर दया करने की बात की गयी है , फिर ऐसी हदीसें दी जाएगी , जो जानवरों की हत्या करने और उनपर क्रूरता करने का हुक्म देती है , और आखिर में उन बेतुकी हदीसों के आधार बने हुए इस्लामी कानून की प्रष्ठभूमि दी जा रही है ,

1-कुत्ते की सेवा से जन्नत 

"अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा है , एकबार बनी इजराइल के कबीले की एक वेश्या ने देखा कि एक कुत्ता कुएं के आसपास मंडरा रहा है . गर्मी के दिन थे , इसलिए कुत्ता प्यास के मारे अपनी जीभ निकाल कर हांफ रहा था . यह देख कर उस वेश्या ने अपनी जूती से पानी भर कर उस कुत्ते को पिला दिया .और उसके इस काम के लिए अल्लाह ने उस वेश्या के सभी गुनाह माफ़ कर दिए " 

عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ امْرَأَةً بَغِيًّا رَأَتْ كَلْبًا فِي يَوْمٍ حَارٍّ يُطِيفُ بِبِئْرٍ قَدْ أَدْلَعَ لِسَانَهُ مِنْ الْعَطَشِ فَنَزَعَتْ لَهُ بِمُوقِهَا فَغُفِرَ لَهَا

قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَمَا كَلْبٌ يُطِيفُ بِرَكِيَّةٍ قَدْ كَادَ يَقْتُلُهُ الْعَطَشُ إِذْ رَأَتْهُ بَغِيٌّ مِنْ بَغَايَا بَنِي إِسْرَائِيلَ فَنَزَعَتْ مُوقَهَا فَاسْتَقَتْ لَهُ بِهِ فَسَقَتْهُ إِيَّاهُ فَغُفِرَ لَهَا بِهِ

सही मुस्लिम -किताब 26 हदीस 5578
 ( 2245 صحيح مسلم كتاب السلام باب فضل سقي البهائم المحترمة وإطعامها   )

2--कुत्ता मार हदीसें 
1."अब्दुल्लाह इब्न उमर ने कहा ,कि रसूल का आदेश है , कि सभी कुत्तों को मार दिया करो " बुखारी -जिल्द 4 किताब 54 हदीस 540 

2-"अब्दुल्लाह बिन मुगाफ्फल ने कहा कि हमें रसूल ने आदेश दिया कि मदीना में और उसके आसपास के गाँव में जितने भी कुत्ते मिलें उनको मार डालो " 
अबू दाऊद - किताब 10 हदीस 3814
3-." इब्न मुगफ्फल ने कहा कि रसूल का आदेश है ,कि तुम्हें जहाँ भी कुत्ते दिखाई दें , उनको फ़ौरन मार डाला करो " सही मुस्लिम -किताब 2 हदीस 551 
4-."अबू जुबैर को अब्दुल्लाह ने बताया कि जब रसूल में हम लोगों को कुत्ते मारने के लिए भेजा , तो हमने देखा कि रेगितान में एक बद्दू औरत ने एक कुत्ते का पिल्ला पाला हुआ जो उस औरत के पास ही खेल रहा था . हमने वह पिल्ला औरत से छीन कर वहीँ पर पटक कर मार दिया " सही मुस्लिम -किताब 10 हदीस 3813

3-कुत्ताशत्रु होने का कारण
जो मुहम्मद साहब एक वेश्या द्वारा प्यासे कुत्ते को पानी पिलाने पर की गयी दया के कारण उसके सभी गुनाह माफ़ होने की हदीस कह चुके थे , वही मुहम्मद कुत्तों के प्रति इतने निर्दयी क्यों बन गए कि उन्होंने मुसलमानों को सभी कुत्तों को मारने का आदेश दे दिया , इस रहस्य का भेद कुरान की इस आयत में छुपा हुआ है , जो इस प्रकार है ,
"वे पूछते हैं कि उनके लिए वैध क्या है , तो कह दो ,कि जानवरों को तुमने प्रशिक्षित किया है , वे शिकार को पकडे रहें ,और तुम उसे खा जाओ , अल्लाह जल्द हिसाब करने वाला है "
{ يَسْأَلُونَكَ مَاذَآ أُحِلَّ لَهُمْ قُلْ أُحِلَّ لَكُمُ ٱلطَّيِّبَاتُ وَمَا عَلَّمْتُمْ مِّنَ ٱلْجَوَارِحِ مُكَلِّبِينَ تُعَلِّمُونَهُنَّ مِمَّا عَلَّمَكُمُ ٱللَّهُ فَكُلُواْ مِمَّآ أَمْسَكْنَ عَلَيْكُمْ وَٱذْكُرُواْ ٱسْمَ ٱللَّهِ عَلَيْهِ وَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ إِنَّ ٱللَّهَ سَرِيعُ ٱلْحِسَابِ }  "
 सूरा -मायदा 5:4 
कुरान की इसी आयत की व्याख्या और उसके उतरने का कारण ( Reasons for the descent)  समझाते हुए " अली इब्न अहमद अल वाहिदी "علي ابن احمد الواحدي " (d. 468/1075), अपनी किताब " असबाबे नुजूल- أسباب نزول" में लिखा है ,कि अल हकीम अब्दुल्लाह ने कहा है कि इस आयत के बाद कुरान की नयी आयतें अचानक बंद हो गयी थीं ,जब अबू रफ़ी ने रसूल से पूछा कि कुरान की नयी आयतें आना क्यों बंद हो गयी , तो रसूल ने कहा जिब्रइल ने मुझसे मिलने का वादा किया था . वह कुरान की आयतें देने वाला था . परन्तु उसने कहा फ़रिश्ते कुत्तों से इतना डरते है कि अगर किसी के घर में कुत्ते की तस्वीर भी हो तो फ़रिश्ते उस घर में नहीं घुसते , इसी लिए मैं दो बार आपके घर के दरवाजे से ही लौट गया .अबू रफ़ी ने कहा कि रसूल ने कहा जिब्रईल की यह बात सुनते ही मैंने अपने घर की ठीक से तलाशी ली , तो देखा कि एक अँधेरे कोने में छोटा सा कुत्ते का पिल्ला सो रहा था . और मैंने तुरंत उस पिल्ले को मार डाला .इसके बाद मैंने शहर के सभी कुत्तों को मारने का आदेश दे दिया . और सभी कुत्ते मारे गए तो अल्लाह का भेजा हुआ फ़रिश्ता जिब्रईल निडर होकर कुरान की आयतें भेजने लगा .

http://www.altafsir.com/AsbabAlnuzol.asp?SoraName=5&Ayah=4&search=yes&img=A

4-कुत्तामार पुलिस 
सब लोग जानते हैं कि मुहम्मद साहब का जन्म सऊदी अरब के मक्का में हुआ था . और आजकल सऊदी अरब में इस्लामी बादशाही (Islamic Monarchy ) चल रही है , लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि सऊदी अरब में धार्मिक पुलिस (Religious Police  ) भी है .जिसे "मुतवईअह "  mutawwiyyah(مطوعية‎ )कहा जाता है , और इसका बहुवचन  "मुतवईन " mutaween (Arabic: المطوعين،  "होता है .और सऊदी अरब की इस धार्मिक पुलिस का काम कुत्ते मारना भी है .और सऊदी अरब के बादशाह ने पलिस को एक अध्यादेश जारी कर रखा है ,कि लाल समुद्र की सीमा से आगे मक्का मदीना सहित पूरे अरब में जहाँ भी कुत्ते मिलें उनको पटक पटक कर वहीँ मार दिया जाए .
http://www.ynetnews.com/articles/0,7340,L-3301505,00.html

मुसलमान कुत्तों से इतनी नफ़रत क्यों करते है , यह इस विडियो में दिया गया है , देखिये विडिओ 
Why muslims hate dogs.

http://www.youtube.com/watch?v=Bu-c3kIE_u8

5-गीता में कुत्तों का उल्लेख 
एक तरफ भगवान कृष्ण का गीता में मनुष्य सहित प्राणीमात्र समान दृष्टि से देखने का उपदेश देता है , जैसा इस श्लोक में कहा है ,तो दूसरी तरफ मुहम्मद का राक्षसी आदेश है , जिसके कारण हजारों कुत्ते मारे जाते, जबकि अब न तो मुहम्मद जिन्दा हैं , और न फ़रिश्ता कुरान की आयतें लेकर आने वाला है ,

विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि ।
शुनि चैव श्वपाके च पण्डिताः समदर्शिनः ॥5:18

जो ज्ञानी है ,यकसां नजर उसको आय ,वो हाथी हो कुत्ता हो या कोई गाय ,
या हो ब्राहमण आलिमो बुर्दबार ,कि चांडाल ,नापाक मुरदारखार .

6--इस्लामी पाखंड ,
हदीसों में कितना पाखंड और दोगलापन भरा हुआ है , यह इस बात से सिद्ध होता है , जहाँ जानवरों ( कुत्तों ) पर दया करने सम्बंधित एक ही हदीस मिलती तो दूसरी तरफ कुत्तों को मारने का आदेश देने वाली हदीस की सबी किताबों से लेकर कुल 98 हदीसें मौजूद है , जिनका विवरण इस प्रकार है , बुखारी -79 , मुस्लिम 11, दाऊद 2 और मुवत्ता 6.इन तथ्यों से प्रमाणित होता है , जिस तरह इस्लाम में जीवदया की बातें केवल पाखंड और धोखा है , उसी तरह शांति और भाईचारे की बातें झूठ और पाखंड के सिवा कुछ नहीं हैं ,
इसलिए मुसलमानों और उनके इस्लाम पर विश्वास करना मुर्खता होगी .


http://www.altafsir.com/AsbabAlnuzol.asp?SoraName=5&Ayah=4&search=yes&img=A


शनिवार, 9 फ़रवरी 2013

रसूल की भारतविरोधी भूतवाणी !


भविष्य में आगे होने वाली घटनाओं के बारे में पहले से ही जानकारी देने को "पूर्वकथन prediction " कहा जाता है .और इसी को "भविष्यवाणी Prophecy " भी कहा जाता है .विश्व में अनेकों ऐसे व्यक्ति हुए हैं ,जिन्होंने किसी न किसी आधार पर आगे होने वाली घटनाओं के बारे में सटीक वर्णन किया है . ऐसे लोगों को "भविष्यवक्ता " कहा जाता हैं .लेकिन किसी व्यक्ति की मौत के काफी बाद भी कोई दूसरा व्यक्ति उस मृतक के नाम से निराधार भविष्यवाणी करता है . और लोगों को गुमराह करता है ,तो हम उसकी बातों को भविष्यवाणी नहीं " भूतवाणी " कहेंगे .इस लेख में हम मुहम्मद की भूतवाणी का भंडाफोड़ कर रहे हैं . क्योंकि कुछ दिन पूर्व हमारे मित्रों ने बताया था कि पाकिस्तान का एक भारतविरोधी मुसलमान " जैद हामिद "मुहम्मद की कुछ हदीसों का हवाला देकर मुसलमानों को भारत के विरुद्ध जिहाद करने , आतंक फ़ैलाने और युद्ध के लिए उकसा रहा है .इसलिए यह लेख अत्यंत महत्त्वपूर्ण है .
1-मुहम्मद भविष्यवक्ता नहीं थे 
पहले तो हमें यह बात समझना होगी कि जब खुद मुहम्मद को ही भविष्य में होने वाली घटनाओं का ज्ञान नहीं था , तो वह कोई भविष्यवाणी कैसे कर सकते थे . क्योंकि कुरान में कहा है ,
" हे नबी तुम लोगों से कह दो कि न तो मैं परोक्ष ( गैब -Unseen Future ) की बातें जानता हूँ , और न मैं कोई फ़रिश्ता हूँ 'सूरा अन आम 6:50
" हे नबी तुम कह दो कि यदि मैं परोक्ष की बातें(Knoledge of  unseen  जानता होता ,तो बहुत से फायदे बटोर लेता "सूरा -अल आराफ 7:188
" हे नबी जो लोग तुम से क़यामत के आने का समय पूछते हैं ,तो कह दो इसका ज्ञान सिर्फ अल्लाह को है , मुझे नहीं " सूरा -अहजाब 33:63

2-भारत पर जिहादी हमले क्यों 
भारत सरकार सेकुलरिज्म के नाम पर मुस्लिम देशों से चाहे जितनी मित्रता दिखाए , और पाकिस्तान से चाहे जितने शांति समझौते कर डाले , और चाहे देश के सभी हिन्दुओं को आतंकी घोषित करके जेल में बंद कर दे . लेकिन इस्लामी आतंक तब तक बंद नहीं होगा , जब तक भारत में इस्लामी शरीयत लागू नहीं होती .यानि भारत इस्लामी देश नहीं बन जाता .क्योंकि कुछ मक्कार मुल्लों ने पाकिस्तान सहित भारत में यह बात फैला रखी है ,कि मुहम्मद साहब ने भविष्यवाणी की थी ,एक दिन भारत पर मुसलमान जिहादी हमला करेंगे , और भारत से युद्ध करके इस्लामी हुकूमत कायम कर देंगे .इसलिए हरेक मुसलमान का फर्ज है कि वह रसूल की इस भविष्यवाणी को पूरा करें ,
यही कारण कि भारत पर होनेवाले हरेक हमले को मुसलमान आतंकवाद नहीं बल्कि "गज़वतुल हिन्द  غزوة الهند "कहते हैं , जिसका अर्थ भारत से लड़ाई( Battle of India ) होता है .उर्दू में इस लड़ाई को " गजवा ए हिन्द  غزوه هند" भी कहा जाता है .और पाकिस्तान के सुरक्षा विश्लेषक security analyst" जैद हामिद ' ने कुछ हदीसों के हवाले देकर यह दुष्प्रचार शुरू कर दिया है कि जल्द ही भारत पर जिहादियों हमला होगा , और भारत को इस्लामी देश बनाने के लिए हर मुसलामन जिहादियों की सहायता करे ,
इस लेख के द्वारा हम क्रमशः जैद हामिद के जिहादी विचारो( ideology  ) उन सभी हदीसों , उनकी सत्यता को नंगा कर देंगे .इस से पाठकों को पता चलेगा कि मुसलमान कितने झूठे होते हैं .

3-गजवतुल हिन्द की हदीसें
पाकिस्तान के जैद हामिद और उसके जैसे जिहादी विचार रखने वाले भारत के दुश्मन मुसलमान जिन हदीसों के आधार पर भारत पर आतंक फैलाते रहते हैं , उनकी संख्या केवल पांच है .जो कई किताबों से इकट्ठी की गयी हैं .और जिन किताबों से यह हदीसें जमा की गयी है , हदीस के बाद उनके सन्दर्भ दिए गए हैं
हदीस .1
"अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने कहा है , मेरी यह उम्मत दल बना कर हिन्द और सिंध पर चढ़ाई करेगी "
"في هذه الأمة، سيرأس القوات نحو السند والهند"
“In this Ummah, the troops would be headed towards Sindh & Hind”
सन्दर्भ -इमाम हम्बल की मसनद , इब्न कसीर की अल बदया व् नहया . और नुईम बिन हम्माद की किताब अल फितन 
हदीस .2
"हजरत सुबान ने कहा कि रसूल ने कहा है , मेरी उम्मत के दो दल होंगे ,एक को अल्लाह जहन्नम की आग से बचा लेगा और एक दल भारत पर आक्रमण करेगा .फिर लौट कर ईसा मसीह से मिलेगा "
"واضاف "بين مجموعتين أمتي أن يكون من هذا القبيل، لعنهم الله وتحررت من النار؛ مجموعة واحدة ستهاجم الهند والثاني سيكون أن الذي سيرافق عيسى ابن مريم-"
“Two groups amongst My Ummah would be such, to whom Allah has freed from fire; One group would attack India & the Second would be that who would accompany Isa Ibn-e-Maryam .”
सन्दर्भ-मसनद ,इमाम निसाई की सुन्नन अल मुजतबा ,इब्न असीम की किताब अल जिहाद ,नुईम बिन हम्माद की किताब अल फितन 
हदीस .3
"अबू हुरैरा ने कहा ,रसूल ने हम लोगों से कहा , निश्चय ही तुम लोगों से एक दल हिंदुस्तान पर हमला करेगा . और युद्ध में विजयी होगा . फिर वहां के राजाओं को हथकड़ियों और बेड़ियों में जकड कर घसीटते हुए सीरिया तक लायेगा . अल्लाह उन सभी मुसलमानों के गुनाह माफ़ कर देगा . अबू हुरैरा ने यह भी कहा कि यदि मुझे इस लड़ाई में जाने का मौका मिलेगा तो मैं अपना सब बेच कर इस लड़ाई में शामिल हो जाऊंगा ."
"بالتأكيد، واحدة من القوات الخاصة بك ستفعل حرب مع هندوستان، والله يوفق هؤلاء المحاربين، بقدر ما سيجلب ملوكهم عن طريق سحبها في سلاسل / الأغلال. وسوف يغفر الله هؤلاء المحاربين (من بركة هذه الحرب كبيرة). وعندما سيعود هؤلاء المسلمين، فإنها تجد حضرة عيسى بن مريم. في سوريا ".
  أبو هريرة. وقال ان 'إذا كنت قد وجدت أن غزوة، ثم ستبيع كل ما عندي من منتجات جديدة وقديمة وستشارك فيها ".
सन्दर्भ-नुईम बिन हम्माद की किताब अल फितन 
हदीस .4
"हजरत कअब ने कहा कि रसूल ने कहा , यरूशलेम के बैतूल मुक़द्दस के एक राजा के मुजाहिद भारत पर हमला करेंगे और वहां की सारी संपत्ति लूट लेंगे .और भारत के सभी राजाओं को कैद करके यरूशलेम के राजा के सामने प्रस्तुत कर देंगे . और उस राजा के मुजाहिद पूरब से पश्चिम तक सम्पूर्ण भारत पर कब्ज़ा कर लेंगे,और पूरे भारत को बर्बाद कर देंगे "
 "وأضاف "كان ملك القدس (بيت المقدس المجاهدين) جعل القوات المضي قدما نحو هندوستان. ووريورز تدمير أرض هند، وسوف تمتلك كنوزها، ثم الملك سوف تستخدم تلك الكنوز للديكور القدس. التي من شأنها أن تجلب القوات الهندية ملوك أمام الملك (القدس). ومحاربيه بأمر الملك قهر كل المنطقة الواقعة بين الشرق والغرب. وهل البقاء في هندوستان ".
“A King of Jerusalem (Bait-ul-Muqaddas) would make a troop move forward towards Hindustan. The Warriors destroy the land of Hind; would possess its treasures, then King would use those treasures for the décor of Jerusalem. That troop would bring the Indian kings in front of King (of Jerusalem). His Warriors by King’s order would conquer all the area between East & West. And would stay in Hindustan ”.
सन्दर्भ-नुईम बिन हम्माद की किताब अल फितन 
हदीस .5
"सफ़वान बिन उमरू ने कहा ,रसूल ने कहा मेरी उम्मत के कुछ लोग हिंदुस्तान पर हमला करेंगे और अल्लाह उनको इस में सफलता प्रदान करेगा . यही नहीं हमारे लोग भारत के सभी राजाओं को हथकड़ी और बेड़ियों में जकड कर कैद कर सीरिया ले जायेंगे ,वहां ही मरियम पुत्र ईसा भी मिल जायेंगे "
"بعض الناس من أمتي قتال مع هندوستان، الله يمنح لهم النجاح، حتى لو وجدوا ملوك الهندي الوقوع في الأغلال. والله يغفر لهؤلاء ووريورز. عندما ستتحرك تجاه سوريا، سوف تجد بعد ذلك عيسى ابن مريم هناك. "
“Some people of My Ummah will fight with Hindustan, Allah would grant them with success, even they would find the Indian kings being trapped in fetters. Allah would forgive those Warriors. When they would move towards Syria, then would find Isa  Ibn Mariyam over there.”
सन्दर्भ-नुईम बिन हम्माद की किताब अल फितन 

यदि हम भारत पर हमले "गजवतुल हिन्द " के बारे में इन पाँचों हदीसों को गौर से पढ़ें तो,पता चलता है कि यह सभी हदीसें " नुईम बिन हम्माद "के द्वारा संकलित की गयी हैं ,और इनकी सत्यता को परखने के लिए पहले "नुईम बिन हम्माद "का परिचय देना जरूरी है .
4-नुईम बिन हम्माद का परिचय 
जैद हामिद भारत पर हमले के बारे में जिन पांच हदीसों के हवाले देता है .उनको जमा करने वाला एक ही व्यक्ति था . जिसका पूरा नाम "अबू अब्दुल्लाह नुईम बिन हम्माद इब्न मुआविया अल खुजैयी अल मरवाजी था .लेकिन लोग सिर्फ " नुईम बिन हम्मादنعيم بن حماد " ही कहते हैं.नुईम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इराक के हिजाज शहर में प्राप्त की थी . फिर वह मिस्र में चला गया और वहां कई उलेमाओं से हदीसों का ज्ञान हासिल किया .जिनमे मुख्य "अबू हमजा सुक्करी ,अबू बकर इब्न अयास .हफ्स इब्न गियास भी शामिल हैं .लेकिन इब्न मूसा ,अबू दाऊद ,और अबुल फतह अज्दी ने कहा है कि नुईम फर्जी हदीसें बनाता था(he used to fabricate narrations  ) .यही नहीं इसने इमाम अबू हनीफा पर भी फर्जी हदीसें गढ़ने का आरोप लगाया था . जो झूठा साबित हुआ था .इसी तरह नुइम ने एक बार कह दिया था कि कुरान किसी की रचना है , या किसी ने बना कर दी है(  Noble Qurān being created   ) .इस अपराध के लिए नुइम को 223 हिजरी सन 845 में जेल की सजा भी दी गयी थी .और जेल में ही 229 हिजरी सन 851 में नुइम की मौत हो गयी थी .इस्लाम की इतिहास की किताब के मुताबिक नुइम की बड़ी दर्दनाक मौत हुई थी (he had a very bad death)जिसका सबूत यहाँ दिया जा रहा है .जिसको शंका हो वह इस साईट को खोल कर देख ले 
  قال أحمد بن محمد بن سهل الخالدي: سمعت أبا بكر الطرسوسي يقول: أخذ نعيم بن حماد في أيام المحنة سنة ثلاث أو أربع وعشرين ومئتين، وألقوه في السجن، ومات في سنة تسع وعشرين ومئتين، وأوصى أن يدفن في قيوده
سير أعلام النبلاء - (10 / 610)

http://wup-forum.com/viewtopic.php?f=12&t=14

5-किताब अल फ़ित्न 
हमने नुईम बिन हम्माद का परिचय देते हुए प्रमाणित कर दिया है कि वह एक जालसाज , धोखेबाज व्यक्ति था , और वह फर्जी हदीसें बनाने का अपराधी था .और उसने भारत पर हमले " गजवतुल हिन्द " के बारे में जो हदीसें प्रस्तुत की हैं , वह अपनी किताब " किताब अल फित्न كتاب الفتن"से नकल की हैं .यह किताब मूल अरबी में है , और इसमे दस अध्याय हैं .जिनमे अलग अलग देशों के बारे में भविष्य में होने वाली घटनाओं का वर्णन दिया गया है .यह किताब अरबी में है और इस साईट में दी गयी है ,
http://www.discoveringislam.org/nuaim_bin_hammad_1.htm

.परन्तु इस्लाम के अनेकों विद्वान् और उलेमा नुइम बिन हम्माद की हदीसों की किताब को अप्रमाणित ,झूठी ,और बनावटी मानकर अमान्य ठहरा चुके हैं .उलेमाओं ने इसके यह कारण बताये हैं 

6-झूठी होने का प्रमाण 
पाकिस्तानी मुल्ले और जिहादी भले ही "गजवतुल हिन्द "की हदीसें दिखा कर लोगों को धोखा देते रहें ,लेकिन कई साल पहले ही कई मुस्लिम उलेमाओं द्वारा इन हदीसों को झूठा और अविश्वनीय सिद्ध कर दिया था .सबूत के लिए इस लिंक को पाकिस्तानी लोग ऑंखें खोल कर देख लें ,फिर भारत पर हमले का सपना देखें .इसके लिए यह तीन सबूत ही काफी हैं
1.इमाम अल बानी ने इन हदीसों की जाँच करके इन्हें "मौजूअ موضوع" यानि फर्जी (abricated ) हदीसों में वर्गीकृत किया है . और इसका पहला कारण यह बताया है कि यह हदीसें विश्वास करने के योग्य नहीं हैं 
وهذا متن موضوع، وإسناده واهٍ مسلسل بالعلل:
الاولى / المؤلف نفسه؛ نعيم بن حماد، فإنه مع كونه من أئمة السنة والمدافعين عنها، فليس بحجة فيما يرويه، فقال النسائي:
“ليس بثقة “.
واتهمه بعضهم بالوضع. والحافظ الذهبي مع صراحته المعهودة، لم يستطع أن يقول فيه – بعد أن ذكر الخلاف حوله – إلا: “قلت: ما أظنه يضع “!
2.शेख अबू उमर अस सफार ने इन् हदीसों देखा और कहा की यह वास्तव में अपुष्ट हैं ,और इनके कथन जाँच करने योग्य नहीं हैं , और यही बात अल बुखारी ने भी कही है .
لثانية: شيخه أبو عمر – وهو: الصفار: كما وقع له في غير هذا الحديث -، واسمه: حماد بن واقد، وهو ضعيف، بل قال البخاري: “منكر الحديث “
3.इमाम इब्न लुहैया ने जब इन हदीसों को पढ़ा तो उन्हें इतना अपुष्ट और फर्जी पाया कि इन हदीसों की किताब को आग में झोंक दिया . और जला कर राख कर दिया .
لثالثة: ابن لهيعة، وهومعروف بالضعف بعد احتراق كتبه

http://ummuabdulazeez.wordpress.com/2012/07/29/fabricated-hadeeth/

7-जैद हामिद कौन है ?
मुसलमानों को फर्जी हदीसें दिखा कर उनको भारत पर हमला करने और भारत में आतंक की योजनाओं का सूत्रधार पाकिस्तानी भड़काऊ भाषण देने के लिए कुख्यात मुस्लमान का पूरा नाम " सय्यद जैदुज्जमा हामिद زید الزمان حامد" है . लोग इस नीच को "जैद हामिद " के नाम से जानते हैं. .इसका जन्म कराची में 14 मार्च सन 1964 में हुआ था . और इसका बाप कर्नल "जमान हामिद " सेना से रिटायर्ड हो चूका है .आजकल यह पाकिस्तानी सरकार में सुरक्षा सलाहकर और राजनीतिक टिप्पणीकार है .और भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है .कहा जाता है कि इसका भारत के कई मुस्लिम नेताओं से और कट्टर मुल्लों से भी सम्बन्ध है ,यह अक्सर अखबारों में भी भारत के खिलाफ लिखता रहता है , और इसके लिए अपनी एक साईट भी बना रखी है , जिसका नाम यह है ,
http://www.brasstacks.pk/
Contact numbers: Office: +92 51 5598046
Moblile: 0321 500 1370
Email : admin@brasstacks.ca

जैद हामिद अपने भाषणों में भारत और हिन्दुओं के विरुद्ध क्या भौंकता है , इसके सबूत के लिए यह दो विडिओ दिए जा रहे हैं ,
Zaid Hamid " we will kill all brahamins"

http://www.youtube.com/watch?v=ISUFo-cbmnw


Zaid Hamid: Final call to hindus towards Islam before ghazwa e Hind ! Hujjat

http://www.youtube.com/watch?v=dCE1TK_c79Q

8-जिहादी मुल्ले सावधान 
हम इस लेख के माध्यम से उन सभी जिहादी विचार के लोगों को सचेत कर रहे हैं जो फर्जी हदीसों पर विश्वास करके भारत पर जिहाद या लड़ाई का सपने देख रहे है , उन्हें पता होना चाहिए कि अल्लाह ने रसूल को भी अल्लाह के नाम से बातें गढ़ने की यह सजा बताई है ,जैसा कुरान में कहा है ,
"और अगर यह नबी हमारी तरफ से कोई फर्जी बातें गढ़ता ,तो हम उसका हाथ जकड लेते ,फिर उसकी गर्दन की रग काट देते " 
सूरा -हाक्का 69: 44 से 46 तक 

तो मुसलमान खुद सोचें अगर कोई रसूल के नाम से फर्जी हदीसें गढ़ता है ,तो वह उस व्यक्ति को क्या सजा देंगे . वैसे हमें इन हदीसों से कोई अंतर नहीं पड़ता , भारत में इतनी शक्ति है .पाकिस्तान को खाकिस्तान बना सकता है .
http://www.ghazwa-e-hind.com/

मंगलवार, 5 फ़रवरी 2013

हदीस क्या सिखाती हैं ?


मुल्ले मौलवी कुरान के बाद हदीस को प्रमाण मानते हैं , और अक्सर सारे बेतुके फतवे इन्हीं हदीसों के आधार पर देते रहते हैं सुन्नी मुसलमान 6 हदीसों को सही मानते हैं . चूँकि हदीसों का साहित्य काफी विशाल है , इसलिए अधिकांश मुसलमान पूरी हदीसों से अनजान है . लोगों को यह भी पता नहीं है कि हदीसों में क्या लिखा है , उनका स्रोत क्या है , लेंकिन हदीसों का ठीक से अध्ययन करने से पता चलता है कि मुहम्मद साहब को चलते फिरते जो भी जानकारी मिलती थी , वह उसके बारे में जो भी बयान अपने साथियों के सामने देते थे , उनके साथी याद कर लेते थे .जिसे बाद में किताबों के रूप में जमा कर दिया गया था . अरबी में हदीस का बहुवचन " अहादीस " होता है . जिसका अर्थ बातें होता है .मुसलमान हदीस को धर्मग्रंथ इसलए मानते हैं , क्योंकि कुरान भी एक हदीस ही है , जैसा कि कुरान में कहा है ,यानि हदीस और कुरान एक ही बात है .कुरान में लिखा है ,
"اللَّهُ نَزَّلَ أَحْسَنَ الْحَدِيثِ كِتَابًا مُتَشَابِهًا مَثَانِيَ تَقْشَعِرُّ مِنْهُ   "39:23
"अल्लाह ने हदीस की सर्वोत्तम किताब उतारी है , जिसके सभी हिस्से आपस में जुड़े हुए हैं ,और बार बार दोहराए गए हैं . सूरा -अज जुमर 39 :23 
यह हदीसें क्या सिखाती हैं , इसके कुछ नमूने दिए जा रहे हैं ,

1-रसूल की बन्दर बुद्धि 
बन्दर सबकी नक़ल करते हैं , लेकिन रसूल ने बंदरों की नक़ल करके एक कानून बना दिया हो इस्लामी देशों में लागु है
अम्र बिन मैमून ने कहा कि मैंने देखा कि एक जगह कुछ बन्दर एक बंदरिया को घेर कर उसे पत्थर मार रहे थे , क्योंकि बंदरिया ने दूसरे बन्दर के साथ अवैध सम्भोग किया था , मैंने भी पत्थर मारा . और जब रसूल रसूल आये तो उन्होंने भी इतने पत्थर मारे कि बंदरिया मर गयी .
"حَدَّثَنَا نُعَيْمُ بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ عَنْ حُصَيْنٍ عَنْ عَمْرِو بْنِ مَيْمُونٍ قَالَ رَأَيْتُ فِى الْجَاهِلِيَّةِ قِرْدَةً اجْتَمَعَ عَلَيْهَا قِرَدَةٌ قَدْ زَنَتْ ، فَرَجَمُوهَا فَرَجَمْتُهَا مَعَهُمْ . تحفة 

“Sahih” Al-Bukhari Volume 5. Hadith #188

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3849- 10790 ، 19178

2-औरतों की योनी में फ़रिश्ते घुसे 
जो फ़रिश्ते कुरान की आयतें लाते थे अल्लाह उन्हीं को औरतों की योनी में घुसा देता था , जहाँ से वह दुआ करते रहते है ,
अनस बिन मलिक ने कहा कि रसूल ने बताया है , अल्लाह औरतों की योनी में फ़रिश्ते घुसा देता है. वह अन्दर घुसे हुए दुआ करते हैं " अल्लाह इस योनी में एक बूंद वीर्य टपका दे , जिस से अन्दर गोश्त का लोथड़ा जम जाये . तब अल्लाह बच्चा बना देता . और तय करता है कि , लड़का होगा या लड़की . , फिर अल्लाह बच्चे आयु , जीविका और धर्म तय कर देता है . और फ़रिश्ते सारा विवरण लिख लेते हैं .सारी योनी में ही तय हो जाती हैं 
حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِى بَكْرِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ – رضى الله عنه – عَنِ النَّبِىِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ « إِنَّ اللَّهَ وَكَّلَ فِى الرَّحِمِ مَلَكاً فَيَقُولُ يَا رَبِّ نُطْفَةٌ ، يَا رَبِّ عَلَقَةٌ ، يَا رَبِّ مُضْغَةٌ ، فَإِذَا أَرَادَ أَنْ يَخْلُقَهَا قَالَ يَا رَبِّ ، أَذَكَرٌ أَمْ يَا رَبِّ أُنْثَى يَا رَبِّ شَقِىٌّ أَمْ سَعِيدٌ فَمَا الرِّزْقُ فَمَا الأَجَلُ فَيُكْتَبُ كَذَلِكَ فِى بَطْنِ أُمِّهِ » . تحفة 1080
. “Sahih” Al-Bukhari Volume 8. Hadith No.594

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3333-

3-चूहे पिछले जन्म के यहूदी हैं 
वैसे तो मुसलमान पूर्व जन्म में विश्वास नहीं करते , लेकिन यहूदियों को नीचा दिखने के लिए चूहों को पूर्व जन्म का इस्राइली बता दिया .
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया ,कि पराने ज़माने में इस्राइलियों का एक कबीला खो गया , जिसका आज तक पता नहीं चला . क्योंकि उस पर अल्लाह ने धिक्कार किया था . आजके चूहे वही इस्राइली है , काअब ने तीन बार रसूल से पूछा कैसे , तो रसूल ने कहा इसका सबूत यह है , अगर तुम चूहों को ऊंटनी का दूध पिलाओगे तो वह नहीं पियेंगे , और भेड़ का दूध तुरंत पी लेंगे .
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ عَنْ خَالِدٍ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِى هُرَيْرَةَ – رضى الله عنه – عَنِ النَّبِىِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ « فُقِدَتْ أُمَّةٌ مِنْ بَنِى إِسْرَائِيلَ لاَ يُدْرَى مَا فَعَلَتْ ، وَإِنِّى لاَ أُرَاهَا إِلاَّ الْفَارَ إِذَا وُضِعَ لَهَا أَلْبَانُ الإِبِلِ لَمْ تَشْرَبْ ، وَإِذَا وُضِعَ لَهَا أَلْبَانُ الشَّاءِ شَرِبَتْ » . فَحَدَّثْتُ كَعْباً فقَالَ أَنْتَ سَمِعْتَ النَّبِىَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُهُ قُلْتُ نَعَمْ . قَالَ لِى مِرَاراً . فَقُلْتُ أَفَأَقْرَأُ التَّوْرَاةَ تحفة 

Sahih” Al-Bukhari Volume 4. Hadith #524 
Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.3305-

4-औरतों को कैसे पटायें 
यह हदीस सिखाती है कि जो चालाक औरतें आसानी से नहीं फंसती है , उनकी किसी कमजोरी का फायदा उठा कर उन से मजे लिए जा सकते हैं ,फिर वह काबू में आ सकती हैं .
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने बताया है , औरतें एक पसली (Rib ) कि तरह टेढ़ी होती है , अगर उनको सीधा करने की कोशिश करोगे तो वह टूट जायेंगी . इसलिए उनकी किसी चालाकी को पकड़ो , फिर उनके साथ जितना चाहो उतना मजा करो .
حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ حَدَّثَنِى مَالِكٌ عَنْ أَبِى الزِّنَادِ عَنِ الأَعْرَجِ عَنْ أَبِى هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ « الْمَرْأَةُ كَالضِّلَعِ ، إِنْ أَقَمْتَهَا كَسَرْتَهَا ، وَإِنِ اسْتَمْتَعْتَ بِهَا اسْتَمْتَعْتَ بِهَا وَفِيهَا عِوَجٌ »

Sahih” Al-Bukhari Volume 7. Hadith #113 

Bukhari Hadith (Arabic) Serial No.5184-

5-पेशाब करने का रसूली तरीका 
रसूल हमेशा दोहरी नीति अपनाते थे , वह दूसरों के जिस काम को गुनाह बताते थे , वही काम खुद करते और करवाते थे , देखिये
दूसरों के लिए यह कानून है ,
अबू हुजैफा ने कहा कि अबू वैल और अबू मूसा अल अशरी ने रसूल से पेशाब करने के बारे में सवाल किया , तो रसूल ने कहा अगर कोई बनी इस्राइल का आदमी खड़े होकर पेशाब करे , और उसके छींटे कपड़ों पर गिरें , तो उसका उतना कपड़ा काट डालो .
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَرْعَرَةَ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ مَنْصُورٍ عَنْ أَبِى وَائِلٍ قَالَ كَانَ أَبُو مُوسَى الأَشْعَرِىُّ يُشَدِّدُ فِى الْبَوْلِ وَيَقُولُ إِنَّ بَنِى إِسْرَائِيلَ كَانَ إِذَا أَصَابَ ثَوْبَ أَحَدِهِمْ قَرَضَهُ . فَقَالَ حُذَيْفَةُ لَيْتَهُ أَمْسَكَ ، أَتَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم سُبَاطَةَ قَوْمٍ فَبَالَ قَائِماً 
Sahih Bukhari – Vol 1, Book 4. Ablutions (Wudu’). Hadith 226.
अपनों के लिए यह कानून 
अबू हुजैफा ने कहा कि मैंने देखा कि रसूल आये और सब लोगों के सामने खड़े होकर एक ढेर पर पेशाब करने लगे. और उनके पीछे मैं भी खड़ा हो गया .
– حدثنا عبد الله حدثني أبي ثنا أبو نعيم ثنا يونس يعنى بن إسحاق عن أبي إسحاق عن نهيك عن عبد الله السلولي ثنا حذيفة قال : رأيت رسول الله صلى الله عليه وسلم أتى سباطة قوم فبال قائما
Sahih Bukhari –Vol 1, Book 4. Ablutions (Wudu’). Hadith 225.

6-हदीसों का पाखण्ड 
काफी समय से कुछ मुस्लिम लडके यह प्रचार कर रहे हैं कि इस्लाम अपने माता पिता की आज्ञा पालन करने कि शिक्षा देता है , और एक हदीस दिखाते है जिसमे कहा है
"الجنة تحت أقدام من والدتنا "
" माता के कदमों के नीचे जन्नत होती है " 
Ibn Majah, Sunan, Hadith no. 2771). 

लेकिन यह हदीस केवल दिखावा है , क्योंकि कुरान में इस से उलटी बात लिखी है ,कुरान में कहा है
"अगर तेरे माता पिता तुझ पर किसी ऐसी बात को मानने पर दवाब डालें , जो तुझे पसंद नहीं हो , तो तू उनकी बात नहीं मानना "
सूरा -लुकमान 31 :15 

7-हदीसों में सेक्स की दावत 
आज भी कुछ लोग इस भ्रम में पड़े हुए है , कि शायद मुहम्मद साहब ने हदीसों में ऐसी ज्ञान और अध्यात्म कि बातें कही होंगी ,जिन से प्रभावित होकर लोग इस्लाम स्वीकार कर रहे हैं ,लेकिन ऐसा नहीं है . हदीसों में केवल सेक्स की दावत दी जाती है , जैसा कि दिए गए विडियो में एक मुल्ला दे रहा है मस्जिद मेँ दी जा रही वाहियात तालीम की एक झलक

http://www.youtube.com/watch?v=zy0J6ZfpQns&feature=share

" मुल्ला कह रहा है " मुसलमानों तुम अपनी इन पुरानी मैली कुचैली औरतों के चक्कर में नहीं पड़ो , रसूल ने उम्हरे लिए ऐसी औरतों का इंतजाम कर रखा है , जो सदा जवान रहेंगी , उनके कपड़ों के अन्दर उनके सभी अंग दिखेंगे , वह सदा पलंग पर सम्भोग के लिए तैयार रहेंगी . इसलिए तुम्हें पचास मर्दों के बराबर ताकत दी जाएगी . फिर जैसे ही एक औरत निपट जाएगी तुरंत दूसरी आ जाएगी . जन्नत में सिर्फ यही काम चलता रहेगा ."
.बड़े अफसोस कि बात है शिक्षा के नाम पर ऐसी बातें सरकारी अनुदान से चलने वाले मदरसों में पढ़ाई जाती हैं .जिनमे मुस्लिम लड़कियाँ भी तालीम लेती है .
क्या ऐसी हदीसें मुस्लिम लड़कों को " जिगोलो (Gigolo ) लड़कियों को वेश्या नहीं बना रही है ? जवाब दीजिये 

.http://www.websrilanka.com/category/bukhari/